युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। एक ओर जहां ट्रेंड में वेस्टर्न कपड़ों की भरमार है। किशोरियों से लेकर महिलाओं में वेस्टर्न वीयर के प्रति अलग सा उत्साह रहता है। वहीं वेस्टर्न कपड़ों की इस भरमार में गाजियाबाद में कियासा शोरूम सिर्फ भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कपड़ों की बड़ी रेंज लेकर आया है। कियासा शोरुम की सबसे खास बात यही है कि यहां आपको जींस, टीशर्ट, टॉप या किसी प्रकार की कोई वेस्टर्न डे्रेस नहीं मिलेगी। इस तरह का शोरूम खोलने का आइडिया कियासा के ओनर ओम प्रकाश, नीरज प्रकाश व अमित चौहान का है।
गाजियाबाद के जीटी रोड पर खुल रहे कियासा शोरुम के ऑनर नीरज प्रकाश ने बताया कि आज बाजार में वेस्टर्न ड्रेेसेस की भरमार है जिसकी वजह से हमारे देश की युवा होती पीढ़ी अपनी भारतीय संस्कृति पर आधारित डे्रसेस से दूर हो रही है। जबकि जितना आरामदायक वेस्टर्न वीयर में रहा जा सकता है, उतना ही आराम भारतीय परिधानों में भी होता है। भारतीय परिधानों को पहनकर महिलाएं आराम से घरेलू कामकाज से लेकर ऑफिस के काम कर सकती हैं। तो वहीं वॉक से लेकर हॉलीडे पर घूमने के लिए भी भारतीय परिधान काफी आरामदायक होते हैं। नीरज ने बताया कि देश की पीढ़ी को यही बताने के लिए उन्होंने कियासा ब्रांड की शुरुआत की है जहां सिर्फ भारतीय एथनिक वीयर ही मिलेंगे। यह कपड़े कितने आरामदायक होंगे, इसका भी पूरा ख्याल उनकी मैन्युफैक्च्युंिरंग यूनिट में रखा जाता है। कियासा शोरूम पर साड़ी, सूट, कुर्ता, सलवार-कुर्ती के कैजुवल वीयर उपलब्ध होंगे। त्यौहारों के लिए विशेष ड्रेसेस भी यहां उपलब्ध होंगी। महिलाओं को यहां अपनी रेंज में आसानी से कपड़े उपलब्ध होंगे। शोरूम में ६०० रुपए से शुरू होकर ३६ हजार रुपए तक के कपड़े उपलब्ध होंगे।
शुरुआत में एमआरपी पर ७० फीसदी डिस्काउंट तो होगा ही, साथ ही समय-समय पर इस तरह की स्कीम लाई जाएंगी जिससे महिलाएं भारतीय परिधानों के प्रति आर्कषित हों। नीरज प्रकाश ने बताया कि अब तक विभिन्न जिलों में उनके शोरुम संचालित हैं। गाजियाबाद में यह ४५ वां और एनसीआर क्षेत्र में १५ वां शोरूम है जो सिर्फ भारतीय परिधानों की ब्राडिंग में जुटा हुआ है। नीरज ने बताया कि शुरु में कुछ मुश्किलें जरूर आईं लेकिन अब महिलाएं इन परिधानों की ओर खासा आर्कषित होने लगी है। इसका नतीजा यह है कि अब उनका ४५ वां शोरूम शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि शोरूम पर सेल होने वाली सभी डे्रसेस उनकी जयपुर, दिल्ली, नोएडा की मैन्युफैक्च्युरिंग यूनिट में तैयार की जाती हैं। जहां कपड़े की गुणवत्ता से लेकर मौसम और लेटेस्ट फैशन का भी विशेष ख्याल रखा जाता है। सबसे खास बात है कि युवतियां और महिलाएं भारतीय परिधानों में स्टाइलिश लगें, इसके लिए डिजाइन पर खास काम किया जाता है ताकि वह वेस्टर्न के बजाए भारतीय परिधानों के प्रति आर्कषित हों और देश की संस्कृति के बारे में लोगों को समझ आ सके। नीरज प्रकाश ने बताया कि भारतीय साड़ी देश ही नहीं बल्कि दुनिया में सबसे आरामदायक डे्रसेस में शुमार है जो घर से लेकर पार्टियों में आसानी से पहनी जा सकती है और उसके स्टाइल भी इतने हैं कि हर अवसर पर अलग-अलग तरह की साडि़य़ां महिलाएं कैरी कर सकती हैं। बस इसी संस्कृति को देश और दुनिया में फैलाने के लिए सिर्फ कियासा पर भारतीय परिधान ही बेचे जाते हैं क्योंकि देश की संस्कृति जैसे संंस्कार दुनिया में कहीं नहीं हैं। इस शोरुम के ऑनर ओमप्रकाश और अमित चौहान भी इसी सोच के साथ भारतीय परिधानों को बढ़ावा देने में लगे हैं।