युग करवट ब्यूरो
कानपुर। सपा विधायक इरफान सोलंकी ने आखिरकार कमिश्नर ऑफिस में सरेंडर कर दिया। उनके साथ उनके भाई भी पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया। सपा नेता लंबे समय से फरार चल रहे थे। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखा था। मालूम हो कि भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी का बयान सामने आने के बाद उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। फरार चल रहे सपा विधायक इरफान सोलंकी के बचाव में उतर आए हैं। कानपुर सांसद ने कहा कि सीसामऊ के सपा विधायक के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जांच स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए। सांसद से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने सोलंकी की पत्नी और मां को प्रमुख सचिव, गृह सहित कुछ वरिष्ठ अफसरों से मिलाने में मदद की? इस पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यह अधिकार है कि वह अधिकारियों के संज्ञान में मामले लाकर उनसे मदद मांगे। हालांकि, बीजेपी नेता ने इरफान सोलंकी के मामले में किसी तरह के दखल देने या परिवार की मदद के लिए किसी से कहने से इनकार किया है।