विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। भाजपा महिला मोर्चा में इस वक्त सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। अगर ये कहा जाए कि काम करने वालों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है तो गलत नहीं होगा। जी हां महिला मोर्चा की मीडिया प्रभारी शीतल चौधरी को जानबूझकर महानगर की अध्यक्ष पूनम कौशिक इग्नोर कर रही हैं और इसको लेकर कार्यकर्ताओं में काफी रोष है। रोज कोई ना कोई विवाद महिला मोर्चा में दिखाई दे रहा है। पार्टी के प्रति समर्पण और हर कार्यक्रम में बढ़चढक़र हिस्सा लेने वाली शीतल चौधरी को आखिरकार क्यों इग्नोर किया जा रहा है, ये बड़ा सवाल है।
अभी हाल ही में महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम कौशिक ने २० मंडलों में अपने मंडल प्रभारी नियुक्त किये हैं, लेकिन इसमें कहीं भी शीतल चौधरी को जिम्मेदारी नहीं दी गई है। सूत्र बताते हैं कि किसी बात को लेकर शीतल चौधरी और पूनम कौशिक के बीच बहस हो गई थी, तभी से पूनम कौशिक ने शीतल चौधरी को नजरअंदाज करना शुरु कर दिया। यही वजह है कि उन्हें किसी भी मंडल का प्रभारी नहीं बनाया गया और जानबूझकर उनके साथ ये अन्याय हो रहा है। इस संबंध में शीतल चौधरी बहुत जल्द पार्टी हाईकमान के बड़े पदाधिकारियों से मिलकर खुद के साथ हो रहे अन्याय को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगी।
हालांकि युग करवट ने जब उनसे इस संबंध में मालूम किया तो उन्होंने कहा कि ये हमारी पार्टी का मामला है और मैं नहीं चाहती कि मीडिया में कोई बात आए। पार्टी स्तर पर ही मैं अपनी बात रखूंगी और मुझे उम्मीद है कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मेरे साथ न्याय करेंगे।
उन्होंने कहा कि वो पार्टी की एक निष्ठावान और समर्पित सिपाही है और जो भी बात होगी वो पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही करेंगी। बहरहाल महिला मोर्चा में शीतल चौधरी के अलावा और भी कई महिलाएं है जो काफी परेशान हैं, लेकिन अनुशासित पार्टी होने के कारण वो कुछ खुलकर कहने को तैयार नहीं है। इस संबंध में महिला मोर्चा की अध्यक्ष पूनम कौशिक से भी संपर्क किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।