युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश में अगले साल 2022 के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा ने अभी से ही इसकी तैयारियां तेज कर दी है। आज भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ली। इस बैठक में मिशन-2022 पर चर्चा हुई। भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा इसमें दिल्ली से वर्चुअल तरीके से जुड़े। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सभी बड़े नेता कार्यसमिति की बैठक में जुड़े। इस बैठक के बाद एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। जिलों से कार्यसमिति सदस्य भी वर्चुअल जुड़े। गाजियाबाद से महानगर कार्यालय में जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल, महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, कार्यसमिति सदस्य प्रशांत चौधरी, अजय शर्मा, विधायक अजीतपाल, सतेंद्र शिशौदिया, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर, जिला प्रभारी धनौरिया, पूर्व मेयर अशु वर्मा, पृथ्वी सिंह, पवन गोयल आदि भी शामिल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री वी के सिंह अपने दिल्ली स्थित कार्यालय से जुड़े, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता दयाल लखनऊ से जुड़े।
कार्यसमिति की बैठक 11.30 मिनट पर शुरू हुई और दोपहर बाद तक जारी रही। कार्यसमिति की बैठक 4 सत्रों में आयोजित की गई। बैठक का समापन मुख्यमंत्री योगी करेंगे। इस बैठक में प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ ही किसानों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। योगी सरकार की उपलब्धि को जनता तक पहुंचाने का प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई।
पहले उदघाटन सत्र को राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सम्बोधित किया। उन्होंने योगी सरकार के कामकाज की जमकर प्रशंसा की। नड्डा ने कहा कि उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कुछ साल पहले भ्रष्टाचार, जातिवाद, भाई-भतीजावाद की जंजीर में जकड़ा था। मगर, बीते चार सालों की बात की जाए तो प्रदेश अब इस महामारी से बाहर निकल कर देश को लीड करने वाला प्रदेश बन गया है।
दूसरा सत्र, राजनीतिक प्रस्ताव और शोक प्रस्ताव और तीसरे सत्र में आगामी अभियान कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी और चौथा सत्र समापन होगा। गुरुवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर प्रदेश अध्यत्र स्वतंत्र देव सिंह कि अध्यक्षता में हुई तैयारी बैठक में सीएम योगी, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह समेत अनेक पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यसमिति की बैठक में कोरोना संकमण को लेकर भी चर्चा की गई। सात जुलाई को कार्यसमिति की बैठक होनी थी, लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और पंचायत चुनाव के चलते ये स्थगित कर दी गई थी।