युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जमीन के एक्सचेंज के प्रकरण में एक भाजपा नेता के ट्रस्ट के संचालकों की टेंशन बढऩे जा रही है। दरअसल मोरटा गांव में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के ट्रस्ट की जमीन है। यहां भाजपा के नेता का एक बड़ा संस्थान है। संस्थान की जमीन के अंदर करीब एक हजार वर्ग मीटर से अधिक निगम की जमीन है। अब भाजपा नेता का ट्रस्ट चाहता है कि निगम इस जमीन का एक्सचेंज करे। ट्रस्ट मोरटा में ही दूसरी जगह निगम को बदले में जमीन देने को तैयार है। निगम बोर्ड की बैठक में जमीन के एक्सचेंज के कई मामले आए। मगर जैसे ही भाजपा नेता की जमीन की ट्रस्ट का मामला सामने आया तो विवाद हो गया। इसको लेकर भाजपा पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने आपत्ति उठाई। उन्होंने निगम से कहा कि एक्सचेंज से किसी तरह की परेशानी सदन को नहीं है। मगर यह देख लिया जाए कि जिस जमीन को नगर निगम एक्सचेंज में निगम ले रहा है उसकी वैल्यू में दस प्रतिशत से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। इस पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को सफाई देने में काफी समय लगा। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना था कि इस मामले में नियम ही यह है कि 10 प्रतिशत से अधिक का अंतर जमीन की वैल्यू में नहीं हो तब ही जमीन का एक्सचेंज होता है। साथ ही इस पर अंतिम फैसला शासन अपने स्तर पर लेता है।