युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी हमारे बीच में नहीं रहे। आज उनका देहांत हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में तड़के सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी करीब 30 वर्षों तक वह या उनकी पत्नी नगर निगम में पार्षद के पद पर आसीन रहे हैं। वर्ष 1989 में पहली बार मुकेश त्यागी पार्षद बने थे। अंतिम बार वर्ष 2018 तक पार्षद रहे। उन्होंने राजनीति के दांव पेंच पूर्व राज्य मंत्री बालेश्वर त्यागी से सीखे थे। बाद में किन्हीं कारणों से वह उनसे अलग हो गए। निगम पार्षद रहते हुए उन्होंने निगम सदन में शहर के विकास के लिए हमेशा बेबाक तरह से मुद्दे उठाए। भ्रष्टïाचार के खिलाफ वह हमेशा आवाज बुलंद करते रहे। इसी के चलते गत दिनों बीजेपी के एक नेता ने तो भ्रष्टïाचार के मामले उठाने पर उन्हें भला बुरा भी कहा था।
पिछली योजना में भाजपा में उनके खिलाफ एक राजनैतिक षड्यंत्र रचा गया। इसी के चलते भाजपा ने उन्हें पार्षद का टिकट नहीं दिया। इसके बाद उनकी तबियत खराब ज्यादा रहने लगी। वह लंबे समय से शुगर और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। पिछले करीब एक महीने से वह अस्पताल में भर्ती थे। उनके दंहात होने से दुखी नगर निगम में भी कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक शोक सभा का आयोजन किया। दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्घांजलि दी।
आज सुबह पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हिंडन श्मशान घाट पर किया गया। चिता को मुखाग्नि उनकी बड़ी बेटी ने दी। वह अपने पीछे दो बेटी और पत्नि छोड़ गए है। युग करवट परिवार दुख की इस घड़ी में संवेदना प्रकट करता है। और भगवान से पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी की आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना करता है।