युग करवट ब्यूरो
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा लगातार अपनी रणनीति बदल रही है। यूपी के चुनाव को लेकर भाजपा कितनी गंभीर है, यह इस बात से पता चलता है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सभी जिलों के लिए अलग से ऑबजर्बर नियुक्त कर रहा है। अगले सप्ताह पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष लखनऊ का दौरा करेंगे, जहां संगठन के बड़े पदाधिकारियों के साथ चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा अपने सभी वरिष्ठ मंत्री व नेताओं को चुनाव मैदान में उतारेगी। इनमें मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि 2017 विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे। बाद में वे एमएलसी बने। इस बार योगी आदित्यनाथ भी चुनाव लड़ेंगे। दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा भी चुनाव लड़ेंगे। योगी सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री भी चुनाव लड़ेंगे। वहीं, सूत्रों के अनुसार, इस बार भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व को चुनाव से तीन-चार महीने पहले ही सभी विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों की सूची देने को कहा है। एक विधानसभा से दो या उससे अधिक नाम भेजने को कहा गया है। सूची मिलने के बाद शीर्ष नेतृत्व अपने ऑब्जर्बर के माध्यम से यह पता कराएगा कि संबंधित विधानसभा क्षेत्र में दिए गए नामों की जीत की संभावनाएं क्या है।