केंद्रीय मंत्री ने पीएचसी-सीएचसी को वितरित किए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। ब्लैक फंगस के इलाज में बाज़ार में और दवाईयां भी मौजूद हैं। इसके इलाज के लिए सिर्फ एक ही इंजेक्शन कारगार नहीं है। यह कहना है कि स्थानीय सांसद, केंद्रीय परिवहन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह का। उन्होंने कहा कि जैसे पहले रेमडेसीवर इंजेक्शन को लेकर पैनिक फैलया गया था वहीं यह स्थिति अब ब्लैक फंगस के इलाज को लेकर फैलाई जा रही है जिससे आम जन में भय फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस कोई नई बीमारी नहीं है। यह बीमारी पहले से होती आई है, ऐसे में इसको लेकर इलाज कोई नया नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस दौरान इंजेक्शन की कमी की बात स्वीकारते हुए कहा है कि जरूरी नहीं है कि ब्लैक फंगस के हर मरीज को निर्धारित इंजेक्शन दिया जाए। इसके लिए अन्य दवाएं भी कारगर हैं जिसे लेकर डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
सोमवार को केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने जिले के स्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सीएमओ कार्यालय स्थित दवा स्टोर में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभारी चिकित्सकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का रख-रखाव सही तरीके से किया जाए व जरूरत पडऩे पर ही मरीजों को इन्हें दिया जाए। अगर आवश्यकता हो तो उपस्वास्थ्य केंद्र को भी यह दिए जाएं ताकि मरीजों को हर संभव इलाज मुहैया कराया जा सके। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का इस समय पूरा फोकस शहरी क्षेत्र के साथ ही गांव कस्बों में है इसलिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त किया जाए ताकि लोग संक्रमण से बच सकें।
प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपडेट करने के साथ ही वहां संक्रमण के इलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांवों में सफाई से लेकर टेस्टिंग और टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्रों को क्रियाशील किया जा रहा है ताकि संक्रमण के मरीजों को प्राथमिकता पर इलाज मिल सके और इसका फैलाव होने से रोका जा सके। ब्लैक फंगस को लेकर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बीमारी से इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। प्राइवेट अस्पतालों द्वारा ब्लैक फंगस के इलाज से कतराने पर वीके सिंह ने कहा कि लोग बेवजह पैनिक ना हों बल्कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। उन्होंने अपील की है कि लोग पैनिक ना करें और सिर्फ एक इंजेक्शन के पीछे ना भागें। डॉक्टर की सलाह पर अन्य दवाओं का इस्तेमाल करें और इलाज कराएं। लोनी सीएचसी को ५, पीएचसी को ४, मोदीनगर सीएचसी को १०, डासना सीएचसी को १०, पीएचसी को ४, मुरादनगर सीएचसी को ५, पीएचसी को ४, भोजपुर सीएचसी को ५ और पीएचसी को ३ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान किए गए हैं। इस अवसर पर सीएमओ डॉ.एनके गुप्ता, एडीएम प्रशासन संतोष कुमार वैश्य, एसीएम विनय कुमार, सांसद वीके सिंह की सुपुत्री मृणालिनी सिंह, एसीएमओ डॉ.सुनील त्यागी, एसीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, डॉ.भरत भूषण, डॉ.जीपी मुथरिया, डॉ.कैलाश, डॉ.नीरज कुमार, डॉ.राजेश तेवतिया, डॉ.डीएम सक्सेना, डॉ.प्रवीन अग्रवाल व फार्मोसिस्ट अनिल गुप्ता आदि मौजूद रहे।