युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। रेडीमेड गारमेंट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि महंगाई की मार से रेडीमेड गारमेंट का कारोबार लगातार पिटता जा रहा है। मुनाफा तो छोडि़ए, कारोबार चलाना भी मुश्किल हो गया है क्योंकि लगातार कपड़े के रेट बढ़ते जा रहे हैं और ग्राहक से दाम नहीं मिल रहे हैं, साथ ही बाजार में लोग खरीदारी भी कम कर रहे हैं। उनका कहना है, होलसेलर अपना उधार दिया माल का पैसा भी नहीं वसूल पा रहे हैं क्योंकि बाजार में काम ही नहीं है। कपड़ा कंपनियां लगातार कपड़े की रेट बढ़ा रही हैं जिसकी वजह से रेडीमेड गारमेंट के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं। मुनाफा लगभग खत्म हो गया है क्योंकि रेट बढ़ाते हैं, तो माल नहीं बिकता है। सरकार को कपड़े के रेट पर नियंत्रण करना होगा, इसके लिए साल में एक बार ही कपड़े के रेट बढ़ाए जाएं। हर हफ्ते रेट बढऩे से व्यापार की स्थिति खराब होती जा रही है। बाजार की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब ना तो उधार माल मिल रहा है और ना ही उधार माल बिक रहा है। अब अगर रेडीमेड गारमेंट पर सरकार जीएसटी और बढ़ा देती है तो कारोबार की स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी। अमित गुप्ता ने कहा कि रिटेलर्स पहले ही मंदी की मार झेल रहा है ऊपर से ब्रांड के छापों के नाम पर उनका उत्पीडऩ किया जा रहा है। यह छापे बंद होने चाहिए नहीं तो व्यापारी उसका विरोध करेंगे। जिन ब्रांडो को ‘डी’ बताकर छापे मारे जा रहे हैं वह दिल्ली के होलसेल बाजारों में सरेआम बिक रहे हैं और रिटेलर वहीं से लाकर इन्हें बेच रहे हैं। कायदे में छापे की कार्रवाई वहां होनी चाहिए जहां यह बन रहे है, रिटेलर को तो इन ब्रांडों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को रेडीमेड गारमेंट कारोबार बेहतर करने के लिए प्रयास करने चाहिए व पूरी तरह से टैक्स फ्री करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यापारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे साथ ही जिले के डीएम को भी अवगत कराएंगे।