नई दिल्ली। मई महीना समाप्त होने में अब चंद रोज ही बचे हैं। इस महीने में सिर्फ दो ही दिन बचे हुए हैं। हर नए महीने की शुरुआत होते ही ऐसे कुछ नियम बदल जाते हैं, जो सीधे आपकी जेब पर असर डालते हैं। इस बार भी ऐसे कुछ बदलाव होने वाले हैं। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने होम लोन के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट को बढ़ा दिया है। अब यह बेंचमार्क दर 0.40 फीसदी बढक़र 7.05 फीसदी हो गई है। इसी तरह रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट भी 0.40 फीसदी बढक़र 6.65 फीसदी हो गया है। पहले ये दोनों दरें क्रमश: 6.65 फीसदी और 6.25 फीसदी थी। एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़ी ब्याज दरें 01 जून से लागू होने वाली हैं। एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट-बेस्ड लेंडिंग रेट को भी 0.10 फीसदी बढ़ाया है, जो 15 मई से लागू हो चुका है।
सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन के हिसाब से 1000 सीसी तक की इंजन क्षमता वाली कारों का इंश्योरेंस प्रीमियम 2,094 रुपये होगा। कोविड से पहले 2019-20 में ये 2,072 रुपये था। वहीं 1000 सीसी से 1500सीसी तक की कारों के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम 3,416 रुपये होगा, जो पहले 3,221 रुपये था। इसके अलावा यदि आपकी कार का इंजन 1500 सीसी से ज्यादा है तो अब इंश्योरेंस प्रीमियम घटकर 7,890 रुपये हो जाएगा। पहले ये 7,897 रुपये था। सरकार ने 3 साल के सिंगल प्रीमियम को भी बढ़ाया है। 1000 सीसी तक की कारों के लिए ये अब 6,521 रुपये, 1500 सीसी तक की कारों के लिए 10,540 रुपये और 1500 सीसी से ऊपर की कारों के लिए 24,596 रुपये होगा। इसी तरह दोपहिया वाहनों के लिए भी इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ा दिया गया है। इस कारण अब एक तारीख से कोई भी गाड़ी खरीदना महंगा पडऩे वाला है।
अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग का दूसरा फेज एक जून से लागू होने वाला है। अब 256 पुराने जिलों के अलावा 32 नए जिलों में भी एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर्स खुलने वाले हैं। इसके बाद इन सभी 288 जिलों में सोने के गहने की हॉलमार्किंग अनिवार्य हो जाएगा। इन जिलों में अब 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट के गहने ही बेचे जा सकेंगे। इन्हें भी बिना हॉलमार्किंग के बेचना संभव नहीं होगा।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने कहा है कि अब आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के लिए इश्यूअर चार्ज लगेगा। ये चार्ज 15 जून से लगेंगे। बदलाव के बाद हर महीने के शुरुआती तीन ट्रांजेक्शन फ्री होंगे। चौथे ट्रांजेक्शन से हर बार 20 रुपये प्लस जीएसटी का भुगतान करना होगा। नकदी निकालने और नकदी जमा करने के अलावा मिनी स्टेटमेंट निकालने को भी ट्रांजेक्शन में गिना जाएगा। हालांकि मिनी स्टेटमेंट के लिए चार्ज 5 रुपये प्लस जीएसटी होगा। प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक ने सेमी अर्बन और रूरल इलाकों के लिए ईजी सेविंग्स व सैलरी प्रोग्राम्स के खातों के लिए औसत मंथली बैलेंस की लिमिट 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। अगर ग्राहक एक लाख रुपये का टर्म डिपॉजिट रखता है तो उसे इस शर्त से छूट मिलेगी। इसी तरह लिबर्टी सेविंग्स अकाउंट के लिए भी लिमिट 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। अगर ग्राहक 25 हजार रुपये खर्च करता है तो उसे इस बढ़ी लिमिट से छूट मिलेगी।