ह्म् जीआरपी ने पकड़ा ट्रेनों में लूटपाट करने वाले गिरोह को
ह्म् दो लाख रुपए कीमत के जेवरात और अन्य सामान बरामद
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना के दौर में नौकरी चले जाने पर कुछ युवकों ने गिरोह बनाकर ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पिछले दो साल में यह गिरोह इतने यात्रियों को अपना शिकार बना चुका है कि उसे खुद याद नहीं है। आरपीएफ-जीआरपी ने संयुक्त अभियान में चोरों के इस गिरोह को धर दबोचा। यह सभी चोर बिहार के रहने वाले हैं और रेकी कर ट्रेनों को अपना निशाना बनाते थे। इस गिरोह के पास से करीब दो लाख रुपए कीमत का सामान बरामद किया गया है। प्रेसवार्ता में जीआरपी सीओ सुरेश गुप्ता ने बताया कि यह गिरोह बिहार से आने वाली ट्रेनों को अपना निशाना बनाता था। इस गिरोह का सरगना चांद उर्फ दिलशाद है। यह लोग ट्रेनों में अपने शिकार की पहले रेकी करते थे, उसके बाद आउटर पर ट्रेन धीमी होते ही सामान पर हाथ साफ कर भाग जाते थे। इस गिरोह के निशाने पर सबसे अधिक सप्तक्रांति एक्सप्रेस, फैजाबाद एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, कटिहार एक्सप्रेस, सदभावना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें रहती थीं। यह लोग आसानी से अन्य यात्रियों में घुलमिल जाते थे। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त नरेन्द्र वाष्र्णेय ने बताया कि आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर इन बदमाशों की घेराबंदी की है। यह गिरोह ट्रेनों में सक्रिय था। इनके कब्जे से सोने, चांदी, एप्पल का आईपॉड, मोबाइल फोन साहित दो लाख की कीमत का सामान बरामद हुआ है। पकड़े गए बदमाश हसीब खान निवासी मालदा पश्चिमी बंगाल ,तारीक, फैजान, चांद, मकसूद सभी निवासी अररिया बिहार के रहने वाले हैं। इस दौरान गाजियाबाद जीआरपी प्रभारी अमीराम सिंह मौजूद रहे।