युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लोनी थाना क्षेत्र की डाबर तालाब कॉलोनी से १२ मई को अगवा किये गये १४ दिन के अबोध बच्चे की बरामगदी आज हो जायेगी। सूत्रों की मानें तो बच्चे का अपहरण नहीं हुआ बल्कि उस अबोध को पैसे मिलने के लालच के चलते उसके माता पिता ने ही बेचा था।
सूत्रों का यह भी कहना है कि बच्चे की बरामदगी के होते ही कई ऐसे सफेदपोश व्यक्तियों, जिनमें खदï्दरधारी, डॉक्टर व ह्यूमन टै्रफिकिंग से जुड़े माफियां भी शामिल हैं। साथ ही ऐसे गैंग का भी भंड़ाफोड़ होने की संभावना है जो गैंग गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर उनके अबोध बच्चों की खरीद-फरोख्त करता है। बच्चे की बरामदगी के संदर्भ में जब एसपी देहात डॉक्टर इरज राजा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बच्चे का पता चलने के बाद पुलिस की एक टीम को लखनऊ क्षेत्र में भेजा गया है।
पुलिस टीम बताये गये स्थान पर पहुंच चुकी है। कुछ ही देर में अबोध बच्चे को बरामद कर लिया जायेगा। श्री राजा ने बताया कि अबोध बच्चे के अगवा कर लिये जाने के बाद पुलिस की कई टीम को उक्त प्रकरण के खुलासे व बच्चे की बरामदगी के लिये लगाया गया था। इस जांच के दौरान पुलिस ने जहां अगवा बच्चे के परिजनों व माता पिता के अलावा दो दर्जन से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की थी वहीं बच्चों का अपहरण करने वाले अपहरणकर्ताओं के कई गिरोहों की भसी कुंडली खंगाली थी। पूछताछ के दौरान जहां चौकाने वाले कई सनसनीखेज खुलासे हुए वहीं यह पता भी चला कि जिस अबोध बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी उस बच्चे का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि पैसे के लालच के चलते उसे बेचा गया था। बता दें युग करवट में वारदात वाले दिन ही लिखी गई अपनी खबर में इस बात का भी उल्लेख किया था कि बच्चे के अपहरण अथवा गायब होने के पीछे उसके परिजनों अथवा परिचितों का हाथ भी हो सकता है। पुलिस के खुलासे ने युग करवट की खबर को भी पूरी तरह से सही साबित कर दिया।