अदालत ने कहा-बदले की भावना से ना हो कार्रवाई
युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लम्बे समय से कानून-व्यवस्था का माखौल उड़ाने वालों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार बेहद सख्ती से पेश आ रही है। इसी क्रम में भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा को जेल भेजने की मांग को लेकर भडक़ी हिंसा के आरोपितों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाया जा रहा है। सरकार की इस कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए सीधा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की अर्जी पर की न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यूपी सरकार को नोटिस जारी करके तीन दिन में जवाब मांगा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बदले की भावना से कोई भी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इस याचिका में कहा गया है कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश रेग्युलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन्स एक्ट, 1958 की धारा 10 और उत्तर प्रदेश अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1973 की धारा 27 का उल्लंघन है।