युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मोहननगर स्थित केइएन सभागार में बुरांस साहित्य एवं कला केंद्र की ओर से प्रख्यात लेखक व पत्रकार राजेन्द्र धस्माना के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। प्रेस क्लब आफ इंडिया के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा ने कहा कि राजेंद्र धस्माना ने अपने जीवन में कभी भी अपने जीवन-मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राजेंद्र धस्माना एक स्पष्टवादी विचारक थे जिनकी करनी और कथनी की एकरूपता ताउम्र बनी रही। वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने राजेंद्र धस्माना के साथ अपनी यात्राओं के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि धस्माना जी हिमालय के सवालों पर मुखर भाव से डटकर काम करते थे। साहित्यकार रमेश चंद्र घिल्डियाल ने राजेंद्र धस्माना के साथ अपने 1950,1960 के दिनों को याद करते हुए कहा कि साहित्यिक गोष्ठियों के आयोजन में राजेंद्र धस्माना बड़ी शिद्दत से करते थे।
साहित्यकार और पत्रकार प्रदीप वेदवाल ने कहा कि मुजफ्फरनगर कांड के बाद राजेन्द्र धस्माना की अगुवाई में एक फैक्ट फाइंडिग कमेटी बनी थी। इस कमेटी ने घटनास्थल पर जाकर तथ्य जुटाने का काम किया था। इस मौके पर निगम पार्षद अनिल राणा,लेखिका बीना नयाल, राजेंद्र धस्माना के कनिष्ठ पुत्र इंदीविजल धस्माना, इंदू देवरानी, साहित्यकार पृथ्वी सिंह नेगी केदारखंडी, चंदन सिंह गुसाईं ने राजेंद्र धस्माना के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। परिचर्चा में अतुल देवरानी, किरन तिवारी, अमित चौहान, विकास शाह, सुभाष देवरानी,दिनेश बिष्ट, कैलाश पांडेय आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन बुरांस साहित्य एवं कला केंद्र के अध्यक्ष प्रदीप वेदवाल ने किया।