युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बिहार और गुरुग्राम के एक मॉल सहित में 24 ठिकानों पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने जॉब के बदले जमीन मामले में ये कार्रवाई की है। सीबीआई ने जिन जगहों पर छापेमारी की है, उनमें आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह, पूर्व आरजेडी एमएलसी सुबोध रॉय, राज्यसभा सांसद अशफाक करीम और फैयाज अहमद के ठिकाने भी शामिल हैं। बिहार में आरजेडी नेता यहां सीबीआई की छापेमारी ऐसे वक्त पर हुई, जब आज विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हो रहा है। ऐसे में आरजेडी ने इसे बदले की कार्रवाई करार देते हुए केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पर निशाना साधा है। वहीं, आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने कहा, यह जानबूझकर किया जा रहा है। इसका कोई मतलब नहीं है। वे यह सोचकर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करा रहे हैं कि डर के मारे विधायक उनके पक्ष में आ जाएंगे।
उधर, ईडी भी एक्टिव हो गई है। ईडी ने झारखंड, तमिलनाडु, बिहार और दिल्ली में 17 ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि ईडी ने ये कार्रवाई अवैध खनन और जबरन वसूली के मामले में छापेमारी हुई है। ये छापे प्रेम प्रकाश से जुड़े ठिकानों पर बताए जा रहे हैं। प्रेम प्रकाश के राजनेताओं के साथ मजबूत संबंध बताए जाते हैं। झारखंड में सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से पूछताछ के बाद ये छापेमारी की गई है।
दरअसल, ये मामला भर्ती घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते जॉब लगवाने के बदले में जमीन और प्लॉट लिए गए थे। सीबीआई ने इसी मामले में जांच के बाद पिछले दिनों लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा यादव, हेमा यादव और कुछ ऐसे उम्मीदवारों पर केस दर्ज किया है, जिन्हें प्लॉट या प्रॉपर्टी के बदले जॉब दी गई। इससे पहले सीबीआई ने मई में इस मामले में लालू यादव से जुड़ीं 17 जगहों पर छापेमारी की थी। सीबीआई की यह कार्रवाई करीब 14 घंटे तक चली थी। ये छापे लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित जगहों पर ये छापेमारी की गई थी। इस मामेल में सीबीआई ने जुलाई में बड़ी कार्रवाई करते हुए लालू यादव के पूर्व ओएसडी भोला यादव को गिरफ्तार किया था।

फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा अध्यक्ष का इस्तीफा
बिहार में महागठबंधन सरकार का गठन हो चुका है, लेकिन आज सरकार को फ्लोर टेस्ट पास करना है। कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे खिलाफ कई आरोप लगाए गए, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। सभा की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि इसलिए मैंने इस्तीफा नहीं दिया क्योंकि मैं जवाब देना चाहता था।