युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। हाउस टैक्स के नोटिसों का वितरण निगम ने एक बार फिर से शुरू कर दिया। वहीं दूसरी और बीजेपी के परिष्ठ पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने इस मामले को लेकर एक बार फिर से निगम को निशाने पर लिया। उन्होंने निगम द्वारा जारी किए जा रहे नोटिसों पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि निगम द्वारा जो भी नोटिस जारी किए जा रहे है उन पर किसी भी निगम अधिकरी के हस्ताक्षर नहीं है। ऐसे में इन नोटिसों की वैधानिकता नहीं है।
उनका कहना है कि शासन ने प्राइवेट कंपनी को शहर की उन प्रॉपर्टी का पता लगाने के लिए जीआईएस सर्वे करने के लिए कहा था जिन पर टैक्स नहीं लगा है। मगर नगर निगम उन मकानों को भी टैक्स के नोटिस भेज रहा है जो पहले से ही सेल्फ असेस्मेंट स्कीम के तहत अपनी प्रॉपर्टी का टैक्स अदा कर रहे है। यह पूरी तरह से गलत है। वरिष्ठ पार्षद त्यागी ने निगम को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो नोटिस बांटे जा रहे है उनमें 90 प्रतिशत गलत है। उन्होंने निगम पर कटाक्ष किया कि जब गाजियाबाद में सेल्फ असेस्मेंट स्कीम लागू है तो फिर निगम कैसे नियम के खिलाफ जाकर टैक्स के नोटिस भेज रहा है। एक सवाल के जवाब में पार्षद त्यागी ने कहा कि कारपेट एरिया के हिसाब से केवल नगर निगम ग्रुप हाउसिंग में ही हाउस टैक्स लगा सकता है। एकल युनिट के मकानों पर नगर निगम को कारपेट एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है। इस मामले में पहले से ही निगम बोर्ड फैसला ले चुका है। बोर्ड के इस फैसले को पलटने का अधिकार निगम के अधिकारियों में नहीं है। साथ ही उन्होंने स्पष्टï किया कि बिना अधिकारियों के हस्ताक्षर के भेजे जा रहे इन नोटिसों का जवाब देने के लिए आम आदमी बाध्य नहीं है।