युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। दो जुलाई 2020 को बिकरू कांड के बाद सामने आया था कि विकास दुबे और उसके साथियों पर तमाम गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज थे। इसके बावजूद उनके पास शस्त्र लाइसेंस थे। यही नहीं विकास दुबे ने बसपा शासन काल में अपने गुर्गों को ताबड़तोड़ शस्त्र लाइसेंस दिलवाए। जांच में सामने आया था कि शस्त्र लाइसेंस देने में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जमीनों के मामलों में भी विकास दुबे ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए तमाम उल्टे सीधे आदेश करवाए।
जिला आपूर्ति और स्वास्थ्य विभाग समेत तमाम अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में सवाल उठाए गए थे। एडीजी जोन भानु भाष्कर ने बताया कि शासन के आदेश पर अब इन संबंधित लोगों के खिलाफ जांच शुरू कराई गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच मंडलायुक्त करेंगे, जबकि पुलिस व अन्य विभागों की जांच उनके द्वारा की जाएगी।