-शोभा भारती-
गाजियाबाद। आज वर्ष २०२१ का अंतिम दिन है। लोग पुराने साल को विदाई और नए साल के आगमन की धूमधाम से तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन जिले में कई ऐसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं जो साल की समाप्ति पर भी पूरी नहीं हो सकी हैं। हालांकि, इन योजनाओं के पूरा होने के दावे किए गए थे लेकिन यह दावे भी साल के समाप्त होने पर आधे-अधूरे ही रह गए। कई योजनाएं पूरी हो गईं लेकिन वह उद्घाटन के इंतजार में शुरू नहीं हो सकी हैं।
उद्घाटन के इंतजार में नहीं शुरू हुआ ऑडिटोरियम
अगर हम बात करें, नेहरूनगर स्थित बना दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरिम जिसे बनकर तैयार हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है। लेकिन उद्घाटन ना होने के चलते अभी तक इसे शुरू नहीं किया जा सका। लंबे समय तक शहर में साहित्यिक आयोजनों व सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजनों को लेकर एक ऑडिटोरियम की मांग लंबे समय से चल रही थी। लंबी जद्दोजहद के उपरांत नेहरूनगर में यह ऑडिटोरियम बनकर तैयार हुआ लेकिन माननीयों द्वारा उद्घाटन न होने से इसका इंतजार लंबा पड़ रहा है।
धोबीघाट आरओबी का लाखों लोगों को है इंतजार
विजयनगर लाइन पार क्षेत्र को शहरी क्षेत्र से जोडऩे केे लिए महत्वकांक्षी योजना धोबीघाट आरओबी के पूरा होने का इंतजार लाइन पार क्षेत्र के लाखों लोगों को है। लोग बेसब्री से इस पुल के बनने का इंतजार कर रहे हैं जिसके बनने से लाइन पार क्षेत्र के लोगों का आवागमन सुगम होगा। हालांकि गौशाला अंडर ब्रिज और सिद्घार्थ विहार फ्लाईओवर बने हुए हैं लेकिन वहां अक्सर जाम और एक लंबा चक्कर लगाकर लोगों को शहरी क्षेत्र में आना पड़ता है जिसकी वजह से लोग जल्द इस आरओबी का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं। लगातार निरीक्षण और केंद्रीय मंत्रियों के दौरे के उपरांत भी इस साल इस पुल का निर्माण कार्य अभी भी ८० फीसदी ही हो पाया है। जबकि इस पुल के पूरा होने का दावा दिसंबर के अंत तक किया जा रहा था मगर अभी दिसंबर तो दूर, मार्च तक भी इस पुल पर आवागमन होता नहीं दिख रहा है। जबकि इस पुल के शुरू होने से गौशाला अंडर ब्रिज में जाम से निजात मिल सकेगी।
सरकारी चाल से सुस्त है हिंडन नदी पर पुल की रफ्तार
हिंडन नदी पर पुल में दरार आने के बाद फिर से इसका पुनर्निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि इस पुल का निर्माण पूरा होने की समय सीमा मार्च २०१९ थी लेकिन २०२१ तक भी इस पुल के शुरू होने का इंतजार आज तक वाहन चालकों को है। इसका निर्माण कार्य अगले साल तक पूरा होने की संभावना है। पिछले चार साल से इस पूल का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन सुस्त चाल से बन रहे इस पुल के कारण वाहनों चालकों को खासी दिक्कतें उठानी पड रही है। यह आलम तब है जब हिंडन के अन्य पुलों पर वाहनों का दबाव अधिक है।
शिलान्यास के बाद नहीं शुरू हुआ पूर्वांचल भवन निर्माण
पूर्वांचल व उत्तरांचल भवन का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने किया था। भवन के निर्माण के लिए जमीन आरक्षित होने से लेकर अन्य कार्य भी शुरू हो गए थे लेकिन आज तक पूर्वांचली व उत्तराखंडी राज्य के लोग इन भवनों के निर्माण कार्य पूरा होने की बाट जोह रहे हैं। अभी तक भी इन भवनों के पूरा होने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
जलभराव ने ली कई जानें, प्लानिंग ठंडे बस्ते में
लाइनपार क्षेत्र को गाजियाबाद से जोडऩे वाले गौशाला अंडर ब्रिज पर हमेशा जाम का झाम बना रहता है। लेकिन इस पुल की सबसे बडी मुश्किल जलनिकासी का उचित प्रबंधन ना होना है। सीवर ओवरफ्लो हो या बारिश, इस पुल में पानी भरने से दोनों ओर का जनसंपर्क कट जाता है। जबकि २०२१ में गौशाला अंडर ब्रिज में भरे बारिश के पानी में एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।
बावजूद इस पुल में जलनिकासी को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। हर साल बारिश के दिनों में पानी भरने से वाहन चालकों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। यह शहर की वो महत्वपूर्ण योजनाएं हैं जिनके शुरू होने से लाखों की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन सरकारी विभागों की सुस्त चाल, राजनीतिक दावे और माननीयों से समय मिलने के इंतजार में यह योजनाएं अभी तक जनता को समर्पित नहीं हो पाई है। हम उम्मीद करते हैं कि नववर्ष के आगमन पर शायद इनमें से कोई योजना शुरू हो जिससे आमजन को राहत मिल सके। सभी फोटो ऋतुराज