नई दिल्ली (युग करवट)। भ्रामक विज्ञापन मामले में पतंजलि की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उत्तराखंड औषधि विभाग के लाइसेंस प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पतंजलि के 14 प्रोडक्ट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। खास बात यह है कि ये सभी उत्पाद बाजार में काफी फेमस हैं और लोग इन्हें खूब खरीदते भी हैं। उत्तराखंड औषधि विभाग के लाइसेंस प्राधिकरण के एक आदेश में पतंजलि की दिव्य फार्मेसी के इन 14 उत्पादों के विनिमार्ण के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं जिनमें श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, ब्रोंकोम, श्वासरि प्रवाही, श्वासारि अवलेहा, मुक्ता वटी एक्सट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्सट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड, पतंजलि दृष्टिï आई ड्रॉप प्रोडेक्ट शामिल हैं। प्राधिकरण की ओर से बकायदा सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर इसकी सूचना दी गई। इस हलफनामे में साफ लिखा है कि दिव्य फार्मेसी द्वारा अब भी इन प्रोडक्ट्स को लेकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में भी भ्रामक विज्ञापन दिए जा रहे हैं। आदेश में कंपनी को कहा गया है कि औषधि निरीक्षक जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, हरिद्वार द्वारा अवगत कराया गया है कि संबंधित फर्म द्वारा वांछित सूचना अंतिम तिथि तक उपलब्ध नहीं कराई गई तथा फर्म द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण भी संतोषजनक नहीं है। लिहाजा इन औषधियों के निर्माणाज्ञा को ड्रग्स एवं कॉसमैटिक एक्ट 1945 की धारा 159 (1) के प्रान औषधियों के निर्माणाज्ञा को ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट 1945 की धारा 159 (1) के प्राविधानुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। दिव्य फॉर्मेसी को आदेश दिए गए हैं कि इन सभी उत्पादों के निर्माण को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाए और योगों की मूल फॉर्मेशन शीट प्राधिकरण के समक्ष जमा कराई जाए।