युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के बारे में भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग लोकसभा में बिजनौर से सांसद डॉ.मलूक नागर ने रखी। सांसद मलूक नागर ने लोकसभा की कार्रवाई के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी को किसानों के संघर्ष व उनकी भावनाओं का ध्यान रखते हुए तीनों कृषि कानून वापस लेने पर उनका धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि वह किसानों की अन्य मांगों पर भी जल्द ही ध्यान देकर उनका निस्तारण करें। सांसद ने इस दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए कहा कि वह उन्हें उस ऐतिहासिक पल के लिए बधाई देना चाहते हैं जो उन्होंने पूरे विश्व में पहली बार रचा है कि एक वर्तमान पीएम ने पूर्व पीएम को बैठने के लिए खुद से कुर्सी दी। पीएम मोदी ने ना सिर्फ पूर्व पीएम को कुर्सी दी बल्कि किसानों व पिछड़ी जाति को एक सम्मान दिया है। इसके लिए वह उनके आभारी हैं। गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के बारे में बोलते हुए सांसद डॉ.मलूक नागर ने कहा कि उनको लेकर कोई विवाद नहीं है जो उनके नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है, गलत पोस्ट की जा रही है। ऐसी गलत पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गुर्जर सम्राट को लेकर कोई भ्रम या विवाद की स्थिति नहीं है। पूर्व सीएम मायावती, पूर्व सीएम अखिलेश यादव व रालोद नेता जयंत चौधरी ने भी ट्वीट कर कहा कि कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। लेकिन उनके नाम पर भ्रम की स्थिति पैदा कर विवाद उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यूपी चुनाव में उसको भुना सकें। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने अक्षरधाम में गुर्जर सम्राट की मूर्ति का अनावरण किया है। पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा में पुरातत्व विभाग की गैलरी में गुर्जर सम्राट की मूर्ति का अनावरण किया था। एनएच-२४ पर दिल्ली के पूर्व सीएम स्व. साहिब सिंह ने गुर्जर सम्राट के नाम का अनावरण किया है इसलिए उनको लेकर कोई भी भ्रम की स्थिति नहीं है। बिजनौर सांसद ने लोकसभा में अपनी मांग को रखा कि इतिहास में जो दर्ज है, पाठ्यक्रम में जो शामिल है, गुर्जर सम्राट या गुर्जर प्रतिहार शब्द को ना हटाया जाए। गुर्जर समाज की भावना का पूरा ख्याल रखा जाए।