गाजियाबाद (युग करवट)। दूसरी पार्टियों के मुकाबले बसपा ने भले ही लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में गठबंधन नहीं किया है लेकिन बसपा को कमतर नहीं आंका जा सकता है। पार्टी ने इस बार जातिगत समीकरणों के हिसाब से प्रत्येक लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया है। पार्टी ने अब तक बीस सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। हालांकि गाजियाबाद और गौतमबुद्घनगर में बसपा की ओर से अभीतक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। बसपा ने कानपुर से कुलदीप भदौरिया, अकबरपुर से राजेश द्विवेदी, बागपत से प्रवीण बैंसला, मेरठ से देवब्रत त्यागी, पीलीभीत से अनीश अहमद खान, मुरादाबाद से इरफान सैफी, कन्नौज से अकील अहमद, अमरोहा से मुजाहित हुसैन, आगरा से पूजा अमरोही, सहारनपुर से माजिद अली, बिजनौर से चौधरी विजेंद्र सिंह, अयोध्या से सच्चिदानंद पांडेय, उन्नाव से अशोक पांडेय, मुजफ्फरनगर से दारा सिंह प्रजापति, नगीना से सुरेंद्र पाल सिंह, चंदौली से सत्येंद्र कुमार मौर्य, आंवला से सैयद आबिद, शाहजहांपुर से डॉ. दोदराम वर्मा, बुलंदशहर से गिरीश चंद्र जाटव और जालौन से सुरेश चंद्र गौतम को टिकट दिया है।
बसपा की ओर से इस बार दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति तय की है। अब तक घोषित 20 प्रत्याशियों में से पार्टी ने 6 मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। मेरठ सीट से पार्टी ने देवब्रत त्यागी को मैदान में उतार कर चुनाव को रोचक बना दिया। देवब्रत त्यागी के मैदान में आने से त्यागी वोट अगर बसपा की ओर गए तो भाजपा प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ सकती है। बसपा ने बीस प्रत्याशियों में तीन ब्राह्मïणों को भी उतारा है। इसके अलावा तीन अनुसूचित जाति और पांच ओबीसी समाज को टिकट दिया है।