युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। बसपा में कब क्या हो जाए, किसको पार्टी से निकाल दें, किसको शामिल कर दें, कोइ कह नहीं सकता है। अभी हाल ही में विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पुराने कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने की कवायद चल रही थी। इस बीच गाजियाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष पे्रमचंद भारती को फिर से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उनको पार्टी से निष्कासित किए जाने के पीछे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को कारण बताया जा रहा है। बसपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि पार्टी में अनुशासन हीनता अपनाने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया था। शीर्ष नेतृत्व की ओर से निर्देश मिलने के बाद प्रेमचंद भारती को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
वीरेंद्र जाटव ने कहा कि प्रेमचंद भारती को कई बार पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी लेकिन इसके बाद भी उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया था।
पूर्व जिलाध्यक्ष को पहले भी पार्टी से निष्कासित किया गया था लेकिन विधानसभा चुनाव से ऐन पहले उनको फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार, मेरठ में कोर्डिनेटरों की बैठक के दौरान मारपीट की घटना और उसके बाद पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी शमसुददीन राइन के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बसपा ने कई नेताओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की है। इनमें प्रेमचंद भारती भी शामिल है। प्रेमचंद भारती और शमसुददीन राइन के बीच पहले से ही छत्तीस का आंकड़ा चल रहा था। उनके निष्कासन के पीछे मेरठ की घटना को कारण बताया जा रहा है।