युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। ऐसी हाउसिंग सोसायटीज जिन्होंने वेस्ट बल्क जनरेटर में शामिल होते हुए प्लांट नहीं लगाया है उन को निगम ने एक एक लाख रुपये के नोटिस देने शुरू कर दिए है। निगम अभी तक 55 हाउसिंग सोसायटी को नोटिस जारी कर चुका है। इससे कई सोसायटी की आरडब्लयूए के पदाधिकारियों की टेंशन बढ़ गई है। सोलिडवेस्ट मैनेजमेंट एक्ट 2018 के तहत पांच हजार वर्ग मीटर या इससे अधिक जमीन में कोई सोसायटी बनी है या फिर वहां से हर रोज 100 किलो कूड़ा निकलता हो। इस एक्ट के तहत नगर निगम शहर की सभी सोसायटी का सर्वे करा रहा है। जिन सोसायटीज का सर्वे करा चुका है वहां कूड़े के निस्तारण का प्लांट है या नहीं इसकी जांच कराई जा रही है। वैसे तो पूरे शहर में करीब साढ़े चार सौ से अधिक हाउसिंग सोसायटीज है। मगर इनमें सबसे अधिक सोसायटीज है जहां कूड़ा निस्तारण का प्लांट नहीं है। अभी तक नगर निगम प्रशासन 55 हाउसिंग सोसायटीज पर एक एक लाख रुपये के जुर्माना लगाने का नोटिस दे चुका है। निगम के हेल्थ विभाग की इस सख्ती से कई हाउससिंग सोसायटीज की आरडब्ल्यूए परेशान है। इसी के चलते ऐसी सोसायटीज पर जैसे ही जुर्माना लगा वह पार्षदों की शरण में जा रही है। कई पार्षद अब हेल्थ विभाग के चक्कर काट रहे है और जुर्माने की रकम को कम कराने की कोशिश में लगे हुए है।