युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सावन मास की शिवरात्रि पर शिवमंदिर बम भोले के उद्घोष से गुंज उठे। हालांकि, कोरोना संक्रमण के चलते कांवड़ यात्रा पर रोक और अधिक संख्या में भक्तों के आने की मनाही को देखते हुए काफी कम संख्या में भक्त दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। हर शिवरात्रि पर जहां दूधेश्वरनाथ मंदिर में ही लाखों की संख्या में शिवभक्त पहुंचते थे, आज वहां सीमित संख्या में ही भक्त जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे। हालंाकि, भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर रोड और जस्सीपुरा मोड़ पर बैरिकेटिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। भीड ना होने के कारण जीटी रोड मार्ग वाहनों के लिए खुला रहा। दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि वैसे तो सावन का पूरा महिना ही शिव को प्रिय होता है लेकिन सावन मास की शिवरात्रि पर्व भगवान भोले को अधिक प्रिय है। महज जल अर्पण करने से ही भगवान अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। इस दिन भगवान का पूजन करने से उनकी कृपा हमेशा अपने भक्तों पर बनी रहती है। महंत नारायण गिरी ने बताया कि चर्तुेदशी का जलाभिषेक शाम ६ बजकर, २८ मिनट से शुरू होगा जो अगले दिन सात अगस्त तक जारी रहेगा। इससे पूर्व त्रयोदशी का जलाभिषेक करने के लिए भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं।
हालांकि, कोरोना को देखते हुए भक्तों से अपील की गई थी कि वह कम संख्या में मंदिर पहुंचें। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। मंदिर में कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है। मंदिर में भक्त भी सोशल डिस्टेंस का पालन करते दिखे। मंदिर में भीड़ अधिक नहीं रही लेकिन भक्त निरंतर जलाभिषेक के लिए मंदिर में पहुंचते रहे। उधर, नोएडा में भी श्रावण माह शिवरात्रि का पर्व कोरोना के भय के साये में मनाया गया।
श्रावण माह की शिवरात्रि का अपना अलग ही महत्व है। श्रावण मास की शिवरात्रि पर श्रद्धालु हरिद्वार व गंगोत्री से गंगा जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कोरोना के कारण इस बार उत्तराखंड सरकार ने कावड़ यात्रा पर पाबंदी लगाई हुई है। कावड़ यात्रा पर पाबंदी के बावजूद श्रद्धालुओं ने गंगाजल से विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शहर के सेक्टर-19 स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-12 स्थित सिद्ध पीठ कलरिया बाबा मंदिर, सेक्टर-56 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, वोडा महादेव मंदिर, सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर, सेक्टर-22 स्थित शिव मंदिर, सेक्टर-40 स्थित शक्ति धाम मंदिर सहित विभिन्न सोसाइटी में बने मंदिरों एवं शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी।
श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद गन्ने के रस आदि से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर उन्हें भांग, धतूरा, बेल पत्र, फल-फूल आदि अर्पित कर सुख शांति की कामना की। मंदिरों में सुबह से ही बम बम भोले, हर हर महादेव के उद्घोष गूंजने शुरू हो गए थे। शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की उमडऩे वाली भीड़ के मद्देनजर मंदिर समितियों और पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। जलाभिषेक के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन हो इसके लिए प्रबंध समिति के सेवादारों ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं लाइन में लगवा कर जलाभिषेक कराया।