युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद वहां के प्रशासन और किसानों के बीच आज सुबह से ही बैठकों कस दौर जारी रहा। दोपहर करीब एक बजे दोनों पक्षों के बीच उठाए जाने वाले कदमों को लेकर सहमति बन गई। यह जानकारी एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक किसान के परिवारों को 45-45 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को दस-दस लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। साथ ही किसानों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाएगी। पूरे जिले में धारा-144 लगाई दी गई है। किसी भी राजनीतिक दल के नेता व कार्यकर्ताओं को वहां जाने की इजाजत नहीं है। अलबत्ता किसान संगठनों से जुड़े किसानों को लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी गई है। इससे पहले पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना बैठक में मौजूद थे। प्रशासन और किसानों के बीच सहमति होने के बाद लाशों के अंतिम संंस्कार करने की अपील की गई। एडीजी के साथ किसान नेता राकेश टिकैत भी मौजूद रहे।