राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल का एक अलग ही अंदाज है। अपनी कार्यशैली और व्यवहार के चलते वह लोगों के दिलों में जहां एक अलग ही स्थान रखते हैं, वहीं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के दिलों की धडक़ने भी कहीं ना कहीं जरूर बढ़ाते हैं। वह न केवल जनता के वोट से एमपी बने, बल्कि हर समय जनता के लिए मौजूद भी रहते हैं और जो उनसे होता है वो जरूर करते हैं। शहर में होने वाले अधिकतर कार्यक्रमों में उनकी उपलब्धि से जरूर बहुत कुछ संदेश जा रहा है। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि २०२४ में लोकसभा चुनाव में वह किस्मत आजमा सकते हैं। अनिल अग्रवाल ने कभी भी खुद इस बात का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी सक्रियता से चर्चाएं जरूर गर्म हैं। अनिल अग्रवाल की सक्रियता से कई नेताओं में जरूर इस बात की चर्चा है कि कहीं ऐन वक्त पर वह उनका खेल ना बिगाड़ दें। गाजियाबाद में कोई भी बड़ा कार्यक्रम होता है और किसी बड़े नेता को बुलाया जाता है तो उसमें अहम भूमिका अनिल अग्रवाल की होती है। बात अगर जनसमस्याओं की होती है तो उसमें भी अनिल अग्रवाल तत्काल पत्र द्वारा या फिर फोन द्वारा लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं। इतना ही नहीं, कई विकास कार्य उनके पत्र द्वारा एवं प्रयास से संपन्न हुए हैं। इसलिए जो जनता के वोटों से चुनकर आये हैं वो जरूर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जनता ने इनको वोट दिया होता तो ये फिर सबकी राजनीतिक दुकानें बंद करा दिया करते। बहरहाल जो भी है फिलहाल राजनीतिक क्षेत्र में और आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर जो कुछ लोग अपनी दावेदारी कर रहे हैं, उनकी जरूर दिल की धडक़नें अनिल अग्रवाल ने बढ़ा दी हैं। कहने वाले ये भी कह रहे हैं कि आखिर सांसद अनिल अग्रवाल क्या करके मानेंगे।
– जय हिन्द।