नगर संवाददाता
गाजियाबाद। (युग करवट) जिले में आए दिन हो रहे सडक़ हादसों को लेकर केन्द्रीय सडक़ परिवहन, राजमार्ग राज्यमंत्री एवं केन्द्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने चिंता जताई। सडक़ हादसे कम से कम हों इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मंथन किया।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में शामिल हुए वीके के समक्ष सबसे पहले आरटीओ आरके सिंह ने सडक़ हादसों का ब्यौरा रखा। उन्होंने वीके सिंह को बताया कि पिछले दो सालों के मुकाबले में जिले में सडक़ दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। एक जनवरी २०२२ से ३१ अगस्त तक २०२२ तक जिले में ५६२ सडक़ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं में २४२ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं तो वहीं ४०२ घायल हो चुके हैं। जबकि, २०२० में ४२६ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें १९४ लोगो की जान गई थी और २८६ घायल हुए थे। २०२१ में ५३३ सडक़ हादसे हुए थे, जिसमें २५६ की मौत और ३४६ घायल हुए थे। यानि, दो सालों में सबसे अधिक घटनाएं जिले में बढ़ी हैं। बैठक में नेशनल हाईवे के आठ ब्लैक स्पॉट, स्टेट हाइवे के तीन ब्लैक स्पाटों में क्या सुधारात्मक कार्रवाई की गई इसको लेकर चर्चा हुई।
इसके अलावा बैठक में गति सीमा और यातयात कम करने वाले उपायों की समीक्षा, जिले में गुड स्मार्टनेस को प्रेरित करने के लिए कार्य नीतियां तैयार करना, जिले में यातायात पार्क, सह प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना, सडक़ सुरक्षा अभियान को प्रोत्साहित करना, राष्टï्रीय, राज्य सडक़ सुरक्षा परिषद को सुझाव प्रदान करने को लेकर भी चर्चा की गई। इसके अलावा १२ नए ब्लैक स्पॉटों का भी लोकनिर्माण विभाग ने चिन्हित किया, जो विजयनगर टी प्वॉइंट, घूकना मोड़, मोहननगर, अर्थला, वसुंधरा रेड लाइट, दुहाई अंडरब्रिज, आईटीएस, ओएफएम गेट, गंगनहर, रावली रोड, राजेन्द्र नगर, सीमापुरी बॉर्डर और करन गेट हैं, यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह ने अधिकारियों को कार्य योजना बनाकर ब्लैक स्पॉटों पर जल्द से जल्द सुधार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा वृह्द स्तर पर सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान एक पीपीटी प्रेजेंटशन भी दिखाया गया। बैठक में डीएम आरके सिंह, एसएसपी मुनिराज, नगरायुक्त नितिन गौर, एडीएम सिटी बिपिन कुमार, सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर, आरटीओ आरके सिंह, एआरटीओ राघवेन्द्र सिंह, एआरटीओ मनोज कुमार, डीआईओएस राजेश श्रीवास आदि सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।