युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर और ओमिक्रोन संक्रमण के खतरे के बीच १५ से १८ आयु वर्ग के किशोरों को वैक्सीन की डोज लगनी शुरू हो गई है। जिले में आज से दो सौ केंद्रों पर किशोरों को वैक्सीन लगनी शुरू हुई। वैक्सीन लगवाने के लिए बच्चों से लेकर उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखा गया। अभिभावक अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंचे। तो वहीं बच्चे भी वैक्सीन लगने के बाद उत्साहित नजर आए। जिले में वैक्सीन लगाने के लिए ८१ स्कूलों, राजकीय अस्पतालों व अन्य केंद्रों को चिन्हित किया गया था। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.नीरज अग्रवाल ने बताया कि जिले में पहले दिन बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए ५० हजार डोज की पहली खेप मिली है। हर सेंटर पर ४०० बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। शनिवार तक ही ६० फीसदी स्लॉट की बुकिंग हो चुकी थी। दस दिन में जिले में 234488 बच्चों को वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, कई सेंटर पर आज पहले दिन वैक्सीन नहीं लग सकी। वहां दो से तीन दिन में कोवैक्सीन उपलब्ध कराकर वैक्सीनेशेन शुरू करा दिया जाएगा। अधिकतर केंद्रों पर वैक्सीनेशन को लेकर स्कूलों के शिक्षिकों व अभिभावकों के साथ ही बच्चों में भी उत्साह देखा गया। मेरठ रोड स्थित डीपीएसजी मेरठ की प्रिंसीपल संगीता मुखर्जी ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए स्कूल में पूरी तैयारी की गई है। सुबह से ही बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए उनके अभिभावक लाइनों में लगे हुए हैं। राजनगर एक्सटेंशन से आए अभिभावक ने बताया कि बड़ों को वैक्सीन लगाई गई है जिससे वह प्रोटेक्टिव हो गए हैं लेकिन बच्चों में भी वैक्सीन लगने से अब उनमें भी संक्रमण का बचाव हो सकेगा। पंचवटी से आए अभिभावक भी बच्चों को वैक्सीन लगवाने को लेकर उत्साहित दिखे। उन्होंने अपने दोनों किशोर बच्चों को वैक्सीन लगवाई। तो वहीं बच्चे भी वैक्सीन लगवाने के लिए उत्साहित दिखे। बच्चों ने कहा कि वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार का कोई भय नहीं है। बल्कि उन्होंने पहले दिन ही वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की थी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रावल ने बताया कि कोवैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और शोध व परीक्षण के बाद इस वैक्सीन को किशोरों के लिए सुरक्षित माना गया है। सुबह से ही सेंटर्स पर वैक्सीन लगनी शुरू हो गई जिसमें अभी तक कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी लगातार वैक्सीनेशन सेंटर का भ्रमण कर रहे हैं।