अपने चहेतों को जिताने के लिए विभिन्न पार्टियों के नेता भी चुनाव में सक्रिय
चुनाव जीतने वाला प्रत्याशी आगामी विधानसभा में हो सकता है प्रभावी
– सुरेश चौधरी –
नोएडा (युग करवट)। आगामी एक अगस्त को हो रहे फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशी धनबल, बाहुबल तथा सुरा का जमकर प्रयोग कर रहे है। जीत का परचम लहराने के लिए प्रत्याशी अपने राजनीतिक आकाओं की शरण भी ले रहे हैं। यह चुनाव यहां के दो जनप्रतिनिधियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव में जातिवाद, क्षेत्रवाद भी हावी है। इस चुनाव में हर हाल में जीत हासिल करने के लिए भीतरघात भी चरम सीमा पर चल रही है। आगामी एक अगस्त को होने वाला यह चुनाव नोएडा शहर में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। प्रत्याशी अपने पक्ष में हर हाल में वोट डलवाने के लिए हर तरह का दांव खेल रहे हैं। सूत्रों की माने तो कई प्रत्याशियों के घरों पर देर रात तक पार्टिया चल रही है। जिसमें जमकर जाम छलक रहे हैं। दोनों ही पैनल जीत के लिए जनसंपर्क के साथ-साथ हर पैंतरा अपना रहे हैं। जीत पाने के लिए एक पैनल ने बकायदा वोटरों की बोली तक लगा दी है, जिस कारण इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है, कि यह चुनाव पूरी तरह से जिला पंचायत व ब्लॉक प्रमुखी चुनाव की तर्ज पर लड़ा जा रहा है।
बता दें कि फोनरवा की नई कार्यकारिणी के लिए आगामी एक अगस्त को चुनाव होना है। चुनाव मैदान में एक पैनल मे निवर्तमान अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा व केके जैन तथा दुसरे पैनल मे पूर्व अध्यक्ष एनपी सिंह व सुखदेव शर्मा का पैनल आमने सामने ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही पैनल चुनाव में जीत हासिल करने के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। मतदाताओं से जनसंपर्क करने के साथ-साथ उन्हें लुभाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
फोनरवा के चुनाव में 110 आरडब्लूए के 220 सदस्य एक अगस्त को मतदान कर, दोनों पैनलों के विभिन्न पदों पर लड़ रहे 42 से ज्यादा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। शहर की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संस्था मानी जाने वाली फोनरवा पर काबिज होने के लिए एक पैनल ने बकायदा लामबंदी शुरू कर दी है। उक्त पैनल द्वारा मतदाताओं की जमकर खातिरदारी की जा रही है। शाम से देर रात तक दावतों का दौर चल रहा है। वही चर्चा इस बात की है कि एक पैनल ने बाकायदा अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मतदाताओं के घर धन की थैली भेजी है। अपने समर्थकों तथा राजनीतिक आकाओं के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
फोनरवा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मतदान से एक दिन पूर्व उलटफेर का खेल शुरू होगा। इसके लिए एक पैनल द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उन्हें हर तरह का प्रलोभन दिया जा रहा है। रविवार को होने वाले मतदान से पूर्व यह पैनल शनिवार रात में बड़ा उलटफेर कर सकता है। चर्चा है कि जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख की तर्ज पर लड़े जा रहे इस चुनाव में अब धनबल और बाहुबल तथा सत्ता का खुला खेल हो रहा है। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी दिन में आम लोगों से संपर्क करते हैं तथा रात के समय जनप्रतिनिधियों के दरबार में जाकर हाजिरी लगाते हैं।
सूत्रों की माने तो कुछ प्रत्याशियों ने यहां के आरडब्ल्यूए के अध्यक्षों तथा महामंत्रीयों को जनप्रतिनिधियों से सीधे फोन करवा कर, उनके पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बनवाया है। बताया जाता है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भी जनप्रतिनिधि इस चुनाव में ज्यादा रूचि ले रहे हैं, क्योंकि इस संस्था से नोएडा शहर के सभी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जुड़े हुए हैं, तथा लाखों की संख्या में वोटों पर यह संस्था प्रभाव डाल सकती है। सूत्रों की दावा है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी,समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तथा आम आदमी पार्टी के नेता भी पूरी रुचि ले रहे हैं। ये नेता भी अपने-अपने मनपसंद प्रत्याशी को जिताने के लिए रात-दिन जनसंपर्क कर रहे हैं।