नगर संवाददाता
गाजियाबाद। (युग करवट) मुरादनगर के कस्तूरबा बालिका विद्यालय में खाना खाने के बाद एक साथ ३५ छात्राओं के बीमार होने से हडक़म्प मच गया। रात को ही छात्राओं को मुरादनगर सीएचसी और जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज दोपहर बाद उन्हें डिस्चार्ज किया कर दिया गया। अभी दो छात्राओं को डॉक्टरों की निगरानी में ही रखा जाएगा। सभी छात्राओं को आवासीय विद्यालय में ले जाया जाएगा, जहां से अगर उनके परिजन चाहेंगे तो अपने साथ ले जा सकेंगे। वहीं, कस्तूरबा विद्यालय में सुबह भी जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता की अगुवाई में टीम पहुंची और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की। वहीं इस मामले में डीएम आरके सिंह ने एक जांच कमेटी गठित की। डीएम ने बताया कि जांच कमेटी एसडीएम मोदीनगर के नेतृत्व में बनाई गई है, जिसमें एसीएमओ, सीएचसी प्रभारी मुरादनगर और बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। कमेटी से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बता दें कि कल रात खाना खाने के बाद मुरादनगर के कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को अचानक एक के बाद उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत बिगडऩे पर स्टाफ के हाथ-पैर फूल गए। तत्काल सभी छात्राओं को १०२ एम्बुलेंस सेवा के जरिए मुरादनगर सीएचसी और जिला संयुक्त अस्पताल लाया गया। हालांकि, उपचार मिलने के बाद छात्राओं की हालात में सुधार आ गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही डीएम आरके सिंह भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। छात्राओं को जो खाना दिया गया था, उसके सैंपल और साथ ही पानी के सैंपल भी लिए गए, जिनकी रिपोर्ट कल सुबह तक आएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं ने अधिकारियों से पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत भी की। बीएसए ने बताया कि सभी छात्राओं को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। हालांकि, दो छात्राएं अभी पूरी तरह से ठीक नहीं है। इसके चलते उन्हें अस्पताल में ही निगरानी में रखा जाएगा। विद्यालय के खाना बनाने से लेकर, सामान सप्लाई करने, खाने की गुणवत्ता जांचने सहित सभी बिन्दुओं पर विभाग ने जांच शुरू कर दी है और स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। विद्यालय में वर्तमान में करीब ६५ छात्राएं रह रही हैं। जो छात्राएं बीमार हुई क्या उन्हें खाने में कुछ अलग दिया गया था या नहीं, ऐसे ही तमाम तरह के बिन्दुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि आज विद्यालय में शिविर लगाया गया है, ताकि अन्य छात्राओं की जांच की जा सके। जो छात्राएं अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आई हैं, उनकी निगरानी भी विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी। इसके अलावा बच्चों को किस तरह का खाना, उसकी गुणवत्ता, उसे बनाने में कैसा पानी प्रयोग होता है और स्कूल का स्टाफ के खाना सम्बंधी पहलूओं पर जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल सभी छात्राओं की हालात खतरे से बाहर बताई जा रही है।