नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपित कार्यकर्ता गौतम नवलखा को जमानत देने वाले तत्कालीन न्यायमूर्ति एस मुरलीधर पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए की गई अपनी टिप्पणी के लिए फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी है। विवेक ने यह माफी तब मांगी जब अदालत के आदेश के बावजूद विवेक समेत अन्य ने जवाब नहीं दाखिल किया और अदालत ने उच्च न्यायालय द्वारा अग्निहोत्री, आनंद रंगनाथन और स्वराज्य समाचार पोर्टल के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई करने का निर्णय किया। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ हलफनामा पर विचार करने के बाद मामले को 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि क्योंकि यह मामला अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर शुरू किया गया था, ऐसे में विवेक अग्निहोत्री को अगली तारीख पर अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया जाता है।