युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। अपनी बीस सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन गाजियाबाद के फार्मेसिस्ट की दो घंटे की कार्य बहिष्कार हड़ताल पांचवे दिन भी जारी है। फार्मासिस्ट जहां अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं वहीं उनकी मांगों के निस्तारण को लेकर कोई कार्रवाई ना होने से उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बीस दिसंबर से फार्मेसिस्ट पूर्ण हड़ताल को लेकर चेतावनी दे चुके हैं।
इस हड़ताल की वजह से सुबह सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को दवा, इंजेक्शन आदि लगवाने के लिए दो घंटे तक हड़ताल समाप्त होने का इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, फार्मेसिस्ट अब इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित करने की चेतावनी दे रहे हैं। जिलाध्यक्ष डॉ.एसपी वर्मा का कहना है कि लगातार आंदोलन के बाद भी उनकी मांगों के निस्तारण को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फार्मेसिस्ट काफी समय से फार्मेसिस्ट संवर्ग वेतन विसंगतियों को दूर करने, एलोपैथिक चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मेसिस्टों को प्रदान किया जाना वाला प्रभार भत्ता ७५० रुपए करने, फार्मेसिस्ट का पद नाम फार्मेसी अधिकारी व चीफ फार्मेसी अधिकारी करने, सहायक निदेशक फार्मेसी का पद नाम करने, चिकित्सकों की गैर हाजिरी में चिकित्सीय कार्य कर रहे फार्मेसिस्टों को विधिक मान्यता देने, प्राथमिक उपचार के साथ सीमित उपचार लिखने की मान्यता दी जाए, संवर्ग के विभिन्न पदों का पुनर्गठन करते हुए सीएमओ के अधीन एक प्रभारी अधिकारी, जिला महिला अस्पताल में प्रभारी अधिकारी, फार्मेसी नामित करने सहित २० मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में फार्मेसिस्ट दो घंटे के कार्य बहिष्कार की हड़ताल पर हैं। हड़ताल में बृजेश कश्यप, सतीश, सीबी सिंह, जगदीश यादव, अजय त्यागी, ममता शर्मा, पुष्पा सचान, बराती लाल, नागेन्द्र गहलौत, संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।