नगर संवाददाता
गाजियाबाद(युग करवट)। फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी लगाकर बैनामा किए जाने का मामला सामने आया है। पीडि़त ने मामले की जानकारी एसडीएम सदर विनय सिंह को दी, जिस पर हुई जांच में इस खेल का खुलासा हुआ। अब इस मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना विजयनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आरोपियों ने न सिर्फ फर्जी बैनामें करा दिए, बल्कि फर्जी एग्रीमेंट के सहारे जीपीए भी करा लिया।
दरअसल विनोद कुमार पुत्र बदले सिंह निवासी रिछपाल गढ़ी चिपियाना खुर्द ने चार मार्च २०२२ को तहसील सदर को शिकायत की थी। जिसमें उसने बताया कि उसके पिता से प्राप्त पैतृक सम्पत्ति डूंडाहेड़ा में खसरा नम्बर ३१/३ मि. में पंकज पाण्डेय पुत्र रमेशचंद पाण्डेय निवासी विजयनगर द्वारा फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी लगाकर उसकी जमीन का दिल्ली निवासी फुरकान के नाम फर्जी तरीके से बैनामा कर दिया गया। इसके बाद फुरकान ने इसी बैनामे के आधार पर रजिस्टर्ड मुख्तरनामा नोएडा निवासी हर्जेश पत्नी सुमित के नाम कर दिया। इस मामले में अब विनोद कुमार से सम्पर्क किया तो उन्हें फर्जी तरीके से अपनी जमीन बेचे जाने की जानकारी हुई। पीडि़त ने एसडीएम सदर को मामले की शिकायत की और जमीन से सम्बंधित अपने प्रपत्र दिखाए। जांच में खुलासा हुआ कि पंकज पाण्डेय ने फर्जी तरीके से पॉवर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करा ली और फिर उसी को आधार बनाकर फर्जी बैनामा भी कर दिया। फुरकान द्वारा किया गया मुख्तरनामा भी जांच में फर्जी पाया गया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस जमीन पर फुरकान आदि द्वारा धर्म सिंह पुत्र रिडकू, आसीन पुत्र रशीद खां, बीबी चांदीन पत्नी शेख फिरोज आलम व निलोफर जंहा पत्नी मौ. अनवर के प्लांटों पर विवाद किया जा रहा है, वह जमीन पीडि़त विनोद की जमीन से काफी दूरी पर है। एसडीएम विनय सिंह ने बताया कि उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा फर्जी बैनामा कराकर उन फर्जी बैनामों से वहां रहे रहे लोगों को अवैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था।