युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जीडीए द्वारा हाल ही में कॉलोनीवार प्लॉट का सर्वे कराया गया। सर्वे से पता चला कि शहर में करीब 1399 ऐसे लोग है जिन्होंने जीडीए की अलग अलग आवासीय स्कीम में प्लॉट का आवंटन कराया। नियमानुसार आवंटन के दस वर्ष बाद तक भी उनमें मकान नहीं बनाए गए यह सभी प्लॉट खाली पड़े है। इसको लेकर अब जीडीए ने अब इन प्लॉट के सभी आवंटियों को रडार पर ले लिया है।
जीडीए के प्रॉपर्टी विभाग की ओर से सर्वे हाल ही में कराया गया। जिन कॉलोनियों में सर्वे कराया गया उनमें कई तो ऐसी कॉलोनी है जिनको जीडीए ने अब से करीब 60 वर्ष पहले विकसित किया था। कुछ लोगों ने स्कीम में प्लॉट का आवंटन करा लिया। इसके बाद आज तक उसमें नियमानुसार मकान नहीं बनाया गया है।
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक स्वर्णजयंतीपुरम-3, तुलसी निकेतन-1, चिकंबरपुर स्कीम -188, वैशाली-15, विजय नगर-6, नंदग्राम – 46, प्रताप विहार- 572, पटेल नगर- 12, राजनगर-19, राजेन्द्र नगर-7, शास्त्रीनगर-241, नेहरु नगर-21, मधुबन-बापूधाम कॉलोनी -1, लोहिया नगर- 16, लाजपत नगर-6, कौशांबी-7, कविनगर-133, कर्पूरीपुरम-2, इंदिरापुरम- 25, गोविंदपुरम-16, गांधीनगर-17, और बृज विहार -6 प्लॉट खाली है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय के निर्देश पर प्रॉपर्टी विभाग की ओर से यह सर्वे कराए गए इस सर्वे से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हंै। सर्वे में खाली पाए गए 1399 के आवंटियों की टेंशन बढने जा रही है। नियोजन विभाग के नियमों के मुताबिक प्लॉट आवंटन के पहले पांच वर्षों के अंदर प्लॉट पर मकान बनाया जाना चाहिए। किसी तरह की समस्या है तो जीडीए से इसकी मियाद पांच वर्ष और बढ़ा कर 10 वर्ष कर सकता है। यह सभी ऐसे मामले है जिन प्लॉट के आवंटियों ने निर्माण के लिए मियाद नहीं बढ़वाई है। ऐसे में अब जीडीए इन प्लॉट के सभी आवंटियों को रडार पर ले लिया है। जल्दी ही इन सब को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।