सोनिया के समझाने के बाद राहुल को मनाने का हो रहा प्रयास
लखनऊ(युग करवट)। किसी जमाने में कांगे्रस की मजबूत सीटें मानी जाने वाली रायबरेली और अमेठी पर अभी तक सस्पैंस बना हुआ है। हालांकि प्रियंका गांधी चुनाव नहीं लड़ेंगी यह तय माना जा रहा है। वहीं कांगे्रस की पूर्व अध्यक्ष और मां सोनिया गांधी के समझाने के बाद राहुल गांधी अमेठी के बदले राय बरेली से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। तीसरे चरण के लिए कल नामांकन की अंतिम दिन है। वहीं अमेठी सीट पर किसी ब्राह्मïण या दलित चेहरे को उतारने पर कांगे्रस विचार कर रही है।
रायबरेली से प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की संभावना लगभग खत्म होती नजर आ रही है। क्योंकि वह एक से तीन तक मध्य प्रदेश, गुजरात और फिर उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। अभी तक रायबरेली का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। यह भी कहा जा रहा है कि प्रियंका चुनाव लडऩे को तैयार नहीं हुई तो कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वहीं, कांग्रेस का एक धड़ा यहां से दलित उम्मीदवार उतरने पर जोर दे रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को कुछ दलित नाम भी भेजे गए हैं। रायबरेली से दलित उम्मीदवार होने के भविष्य के फायदे भी बताए गए हैं। इस संबंध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि बृहस्पतिवार दोपहर बाद तक सस्पेंस खत्म हो जाएगा। अभी दोनों सीट पर उम्मीदवार के नाम की अधिकृत सूचना नहीं मिली है। जो भी उम्मीदवार होगा, पार्टीका हर कार्यकर्ता उसके साथ रहेगा।
अमेठी की स्थानीय कमेटी की ओर से राहुल गांधी के नामांकन को लेकर हर स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। स्थानीय नेताओं को भरोसा है कि नामांकन के अंतिम दिन वह पहुंच सकते हैं। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के रायबरेली में सांसद प्रतिनिधि और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव किशोरी लाल शर्मा भी अमेठी पहुँच गए ।उनके साथ पूरी टीम मौजूद रही। बैठकों का दौर शुरू हुआ। बूथ स्तर तक बात हुई। सूत्रोंका कहना है कि शर्मा के समर्थकों ने उनके चुनाव लडऩे की बात कही, लेकिन शर्मा ने खुद अपने मुंह से चुनाव लडने की बात नहीं की।
इतना जरूर रहा कि उन्होंने हर कार्यकर्ता को चुनाव के लिए हर स्तर पर तैयार रहने का आवाहन किया। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि राहुल गांधी के मैदान में न उतरने की स्थिति में किशोरी लाल शर्मा उम्मीदवार हो सकते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति करने वाले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता भी अचानक कांग्रेस में जाकर अमेठी से उम्मीदवार हो सकते हैं। क्योंकि उनकी टीम भी अपने स्तर पर लोकसभा क्षेत्र में तैयारी कर रही है।