युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लखीमपुर खीरी हादसे के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी रविवार रात पीडि़त किसानों के परिवारों से मिलने रवाना हुई थीं। आज तड़के उन्हें सीतापुर बॉर्डर पर हिरासत में ले लिया गया। प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी का आज जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने जोरदार विरोध किया। उनके नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करते हुए दर्जनों कांग्रेसी आज सुबह पुराना बस अड्डा चौराहे पर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार तानाशाही पर उतर आई है। सरकार के मंत्री का पुत्र किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या कर देता है और जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी पीडि़त परिवारों को सांत्वना देने के लिए रवाना होती हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है, जब भी प्रियंका गांधी शोषितों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाती हैं तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना इसका जीता जागता उदाहरण है। बिजेंद्र यादव ने मांग की है कि प्रियंका गांधी को शासन तुरंत रिहा करे और उन्हें पीडि़त परिवारों से मिलने की अनुमति दी जाए, किसानों पर गाड़ी चढ़कार उनकी हत्या करने वाले मंत्री के बेटे को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के गृहमंत्री अमित शाह तुरंत इस्तीफा दें। प्रदेश सचिव नसीम खान ने कहा कि केंद्र की मोदी और योगी सरकार कांग्रेसियों की आवाज दबाने के लिए तानाशाही पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी सरकार के अत्याचारों से दबने वाले नहीं है। केंद्र और प्रदेश सरकार की हर तानाशाही का जवाब कांग्रेसी इसी प्रकार से सड़क पर उतरकर देते रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान जिला संगठन प्रभारी अमोल वशिष्ठ, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ चीनी, ओबीसी प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष विजयपाल चौधरी, अनुसूचित कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज तेजानिया, महानगर अध्यक्ष आशीष प्रेमी, त्रिलोक सिंह, राजेंद्र शर्मा, राजू पाल, सुभाष शर्मा, जयकिशन, अहसान अली व लेखराज त्यागी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।