गाजियाबाद (युग करवट)। काफी लंबे समय से उत्तर प्रदेश स्थाई पुलिस महानिदेश्क की राह देख रहा है। काफी समय से यूपी में कार्यवाहक डीजी के रूप में कई वरिष्ठ आईपीएस अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में भी जो डीजीपी है विजय कुमार कार्यवाहक ही हैं। इससे पहले डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा जैसे बड़े आईपीएस भी कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब वर्तमान डीजी स्पेशल कानून व्यवस्था प्रशासन प्रशांत कुमार का प्रमोशन डीजी के पद पर हो गया है।
अब पुलिस विभाग में इस बात की चर्चा है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस को अपना स्थाई डीजीपी प्रशांत कुमार के रूप में मिल सकता है। प्रशांत कुमार एक तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी है और अपराधी उनके नाम से कांपते हैं। जनता और पुलिस विभाग में उनकी बेदाग छवि है और वो लोगों की उम्मीद पर हमेशा खरे उतरते हैं। गाजियाबाद में बतौर एसएसपी तैनाती के दौरान पूरे प्रदेश में सबसे अधिक डेढ़ सौ के आसपास कुख्यात अपराधियों को उनके कार्यकाल में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
एडीजी मेरठ जोन के पद पर तैनाती के दौरान भी कई कुख्यात अपराधी भी मौत के घाट उतारे गये थे। एडीजी कानून व्यवस्था के पद पर तैनाती के बाद भी पूरे प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण उन्हीं की बदौलत देखा गया है। आम लोगों में चर्चा है कि प्रशांत कुमार के डीजीपी बनने से पूरे प्रदेश में और अपराधों में कमी आयेगी। आज भी प्रदेश में अपराधों में कमी आयी है और जब स्थाई डीजीपी के रूप में प्रदेश में काम होगा तो निसंदेह और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
कहा जाता है कि प्रशांत कुमार ने अबतक 300 से अधिक एनकाउंटर को अंजाम दिया है, जबकि एक हजार से ज्यादा अपराधियों का एनकाउंटर उनकी निगरानी में हुआ है। अपनी वीरता के लिए प्रशांत कुमार कई अहम पदकों से भी सम्मानित किए जा चुके हैं।