युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की जयंती से एक दिन पहले यानि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन शहरी और अमृत योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की। दिल्ली स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन योजनाओं के दूसरे चरण की लॉन्चिंग करते हुए कहा कि हमारा मकसद हर शहर को कूड़ा मुक्त करना है। इसके अलावा हर जगह पर जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास के लिए बनी अमृत योजना का यही मकसद है कि सभी शहर कूड़े से मुक्त रहें और जल की पर्याप्त उपलब्धता रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और मिशन अमृत का अगला चरण बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में भी एक अहम कदम है। बाबा साहेब असमानता दूर करने का बहुत बड़ा माध्यम शहरी विकास को मानते थे। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें ये याद रखना है कि स्वच्छता, एक दिन का, एक पखवाड़े का, एक साल का या कुछ लोगों का ही काम है, ऐसा नहीं है। स्वच्छता हर किसी का, हर दिन, हर पखवाड़े, हर साल, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला महाअभियान है। स्वच्छता जीवनशैली है, स्वच्छता जीवन मंत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दूसरे चरण में हम शहरों में सीवेज और सेफ्टी मैनेजमेंट पर भी काम करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि गंदे नाले जाकर नदियों में न गिरें। इस मौके पर हरदीप पुरी ने स्वच्छ भारत मिशन का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि उन्होंने इसे जनांदोलन में तब्दील कर दिया था। इसीलिए इतनी बड़ी कामयाबी मिली है। हरदीप पुरी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन लाखों टॉयलेट्स बनाने और वेस्ट प्रॉसेसिंग को 70 फीसदी तक लाने की वजह से कामयाब नहीं हुआ है। यह इसलिए हुआ क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट को जनांदोलन का स्वरूप दे दिया। ये दोनों फ्लैगशिप योजनाएं देश के विकास के लिए बेहद अहम हैं। खासतौर पर तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते इनकी अहमियत बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने सस्टेनेबल डिवेलपमेंट गोल्स 2030 तय किए हैं। इन्हें हासिल करने में इन दो स्कीमों की अहम भूमिका होगी।