युग करवट संवाददाता
लखनऊ। भाजपा शीर्ष नेतृत्व की ओर से उत्तर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि राष्टï्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा ने इस विषय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन महामंत्री सुनील बंसल से विस्तार से चर्चा की है। शीर्ष नेतृत्व की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के लिए तीन नामों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इस लिस्ट में से ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम तय किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के गुजरात से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद पर नाम तय कर लिया जाएगा।
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भाजपा बहुत ही सोच विचार के बाद प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय करना चाहती है। भाजपा की ओर से इस पद की जिम्मेदारी एक बार फिर किसी ब्राह्मïण नेता को देने की तैयारी चल रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव के समय इस पद पर लक्ष्मीकांत वाजपेयी थे। उनके नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश की 72 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हर-हर मोदी, घर-घर मोदी का नारा लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ही दिया था। फिलहाल लक्ष्मीकांत वाजपेयी को पार्टी ने दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल कराने की जिम्मेदारी दे रखी है। 2017 लोकसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर महेंद्र नाथ पांडेय थे। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 65 सीटों पर जीत हासिल की थी। अबकी बार एक बार फिर किसी ब्राह्मïण के नेतृत्व में ही पार्टी लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। इसके लिए श्रीकांत शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा है।
श्रीकांत शर्मा के बारे में कहा जा रहा है कि वे पार्टी के शीर्ष नेताओं के बहुत करीब रहे हैं। उन्होंने एक बड़ा समय भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में बिताया। इस बार मंत्रीमंडल में उन्हें शामिल नहीं किया गया, जबकि ऊर्जा मंत्री के तौर पर उनके कार्यों की प्रशंसा होती रही। तभी से माना जा रहा है कि श्रीकांत शर्मा को प्रमोशन देकर पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। जिन अन्य ब्राह्मïण नामों पर विचार किया जा रहा है उनके विजय बहादुर पाठक और सांसद हरीश द्विवेदी भी शामिल है। इसके अलावा कन्नौज से सांसद सुब्रत पाठक का नाम चल रहा है।