युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। हालांकि अभीतक भाजपा की ओर से अधिकृत सूची जारी नहीं की गई है लेकिन कुछ चैनेलों की ओर से गाजियाबाद की पांचों सीटों के नाम प्रकाशित किए जाने के बाद से कार्यकर्ताओं में उत्साह के ज्यादा निराशा देखी जा रही है। यह निराशा सोशल मीडिया पर ज्यादा देखी जा रही है। गुरुवार देरशाम कुछ न्यूज चैनलों पर गाजियाबाद की सभी सीटों पर विधायकों को ही फिर से टिकट देने की खबर आते ही कार्यकर्ताओं की निराशा का ज्वार फूंट गए।
साहिबाबाद सीट से दावेदारी करने वाले पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि जब बड़े नेता कार्यकर्ताओं और जनता की आवाज को दबाने लगे और धनबल हावी हो जाए तो परिणाम अच्छे नहीं आते। जल्द ही बड़ा निर्णय करूंगा। युग करवट से बातचीत में अजय शर्मा ने कहा कि हालांकि अभीतक पार्टी की ओर से अधिकृत तौर पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई लेकिन जिस तरह की खबरें आ रही है, उससे कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है। यह निराशा कहीं पार्टी को नुकसान न कर दें।
अजय शर्मा के पोस्ट पर सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। ज्यादातर कार्यकर्ताओं ने अजय शर्मा की प्रतिक्रिया का समर्थन किया है। युग करवट से बातचीत में ज्यादातर कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसा लगता है कि गाजियाबाद की सभी पांच सीटों पर कुछ लोगों की बपौती है। गाजियाबाद सदर और साहिबाबाद सीट पर अतुल गर्ग और सुनील शर्मा को टिकट दिए जाने की खबरें प्रकाशित होने पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक ही व्यक्ति को तीन-तीन बार टिकट देने से दूसरे कार्यकर्ताओं में हताशा और निराशा आ जाती है। उनका कहना है कि पूरे पांच साल तक कार्यक्रमों को सफल करने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को दी जाती है। अगर पार्टी की ओर से दिए गए कार्यक्रमों में कहीं त्रुटि हो जाती है, या कार्यकर्ता नहीं पहुंच पाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है लेकिन चंद लोग ऐसे हैं जो पूरे पांच साल तक कार्यक्रमों या अभियानों से दूर रहते हैं लेकिन अपने धनबल और बड़े नेताओं की कृपा से टिकट ले आते हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कर्मठ और पार्टी के हित के लिए लगातार मेहनत करने वालों की उपेक्षा और अनदेखी की जा रही है। इससे युवा कार्यकर्ताओं का जोश ठंडा पड़ सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे-ऐसे कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है जो पच्चीस-पच्चीस साल से पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं।
टीवी न्यूज चैनलों पर साहिबाबाद से सुनील शर्मा को फिर से टिकट देने की खबरें आने के बाद से ही कार्यकर्ताओं की निराशा और गुस्सा फूंट पड़ा है। एक प्रबल दावेदार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘रातभर से समर्थक व प्रशंसकों के फोन आ रहे हैं। मैं हताश जरूर हूं किंतु हतोत्साहित नहीं हूं। कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया एक अन्य दावेदार से आई है। उनका कहना है कि शीर्ष नेतृत्व को दूसरे ऐसे कार्यकर्ताओं के बारे में भी विचार करना चाहिए जो दशकों से इस आस के लिए पार्टी के लिए सेवा कर रहे हैं कि कभी ना कभी तो उनके नाम पर भी विचार किया जाएगा। एक ही व्यक्ति को बार-बार टिकट देने से ऐसा संदेश जा रहा है कि टिकट पर उन्हीं की बपौती है।
हालांकि पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है। जब भी चुनाव में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाती है, तभी निराशा और विरोध के स्वर उठते हैं। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि पार्टी की ओर से अभीतक अधिकृत तौर पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की गई है लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए कमल निशान ही उसका प्रत्याशी होता है। शीर्ष नेतृत्व जिसे भी टिकट दें, कार्यकर्ताओं के लिए कमल ही प्रत्याशी है।