लोकसभा चुनाव २०२४
चाहे विधानसभा का चुनाव हो या लोकसभा का चुनाव हो हर चुनाव में प्रत्याशी के प्रति हवा भी अहम भूमिका निभाती है। और यदि ये हवा पहले दिन से आखिर तक बनी रहे तो इस हवा का चुनाव परिणाम पर भी असर पड़ता है, ऐसा कई बार देखा गया है। देश में जिस तरह चुनावी माहौल चल रहा है और बयानबाजी हो रही है उससे भी कहीं ना कहीं इस बात का अहसास हो रहा है कि इस बार चुनाव में हवा का रूख बहुत बदला हुआ है। लेकिन पहली बार अभी तक ऐसा भी देखा गया है कि किसी दल के नेता का ऐसा कोई बयान नहीं आया है जिससे किसी एक के प्रति हवा का माहौल बने। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले दिन से ही जिस तरह चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं ऐसा भी पहली बार हुआ है। उत्तर प्रदेश में जिस तरह वो धुआंधार प्रचार कर रहे हैं इसका जरूर असर दिखाई देगा। तीसरी आंख ने देखा कि हमेशा बड़े नेता चुनाव के अंतिम समय में आते थे कहीं ना कहीं प्रचार प्रचार के अंतिम दिन उनकी सभाएं होती थी लेकिन देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी ने पहले दिन से ही चुनाव प्रचार में ताकत झौंक दी। गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, गौतमबुद्घनगर सहित कई लोकसभा सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे बड़े नाम की रैलियां और बैठकें हो चुकी है। अगर ये कहा जाए कि चुनाव प्रचार में भी भाजपा सभी दलों से आगे है तो गलत नहीं होगा। अभी तक इंडिया गठबंधन के किसी भी बड़े नेता की कोई भी रैली नहीं हुई है। इतना ही नहीं कांगे्रस तो अभी रायबरेली से अपना उम्मीदवार भी घोषित नहीं कर पाई है। जबकि रायबरेली के लोग गांधी परिवार के सदस्य का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद भी कांगे्रस हाईकमान चंद लोगों के हाथों की कठपुतली बना हुआ है। बहरहाल हर चुनाव में हवा और प्रचार की अहम भूमिका होती है फिलहाल प्रचार के मामले में भी भाजपा अन्य दलों से आगे चल रही है। जय हिंद