युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पैरा ओलंपिक में बैडमिंटन प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे पहले आईएएस व गौतमबुद्घनगर के डीएम सुहास एलवाई ने अपना पहला लीग मैच जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया है। सुहास एलवाई की धर्मपत्नी और गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात रितु सुहास को उनकी जीत पर लोगों की शुभकामनाएं मिल रही हैं।
रितु सुहास ने युग करवट से बातचीत करते हुए बताया कि पैरा ओलंपिक जैसे बड़े इवेंट में पहुंचना ही किसी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी बात होती है। लेकिन उन्होंने कहा कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए सिर्फ उनके पति ने ही पिछले छह साल से संघर्ष नहीं किया बल्कि पूरा परिवार हर स्तर से उनकी सहायता करने में जुटा था। रितु सुहास ने बताया कि उन्होंने अपने पति से यह तो नहीं कहा कि वह गोल्ड ही लेकर आएं लेकिन वह जिस स्तर पर खेल रहे हैं, उससे उम्मीद है कि वह खाली हाथ वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने पैराओलंपिक में भाग लेने जाते समय भी यही कहा था कि वह कम से कम कोई मैडल जरूर जीतें। रितु सुहास ने कहा कि वह रोज अपने पति से फोन पर बात करती हैं लेकिन सिर्फ उनकी प्रैक्टिस से संबंधित बात होती है और उनका हौंसला बढ़ाती हैं। एडीएम प्रशासन रितु सुहास ने बताया कि इस इवेंट में प्रतिभाग करने के लिए उनके पति छह साल से तैयारी कर रहे हैं। यहां तक कि पूरा दिन प्रशासनिक कार्य निबटाने के बाद वह कई घंटे अपनी प्रैक्टिस को भी देते थे जिसकी वजह से परिवार को पर्याप्त समय तक नहीं दे पाते थे। उनकी तैयारियों में कोई कमी ना आए या कोई तनाव ना हो, इसके लिए वह कोई समस्या तक उन्हें नहीं बताती थीं। एक तरह से तैयारियों के लिए उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों से मुक्त किया था। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि वह पैरा ओलंपिक में देश का नाम रोशन करके ही लौटेंगे। रितु सुहास ने बताया कि उन्हें हर दिन यही तनाव रहता है कि रिजल्ट क्या होगा। हालांकि, लीग मैच में पहली जीत मिलने पर परिवार उत्साह में है लेकिन जब तक फाइनल में नहीं पहुंच जाते, स्ट्रेस बना रहेगा।