युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर अशु वर्मा ने युगकवरट से बात की। उन्होंने कहा कि यूपी में चुनाव होने से पहले संगठन किसानों के साथ चले आ रहे गतिरोध को सुलटा लेगा। उन्होंने कई सवालों का बेबाकी से उत्तर दिया।
सवाल था कि क्या महंगाई, और किसान आंदोलन का असर बीजेपी पर यूपी में चुनाव के दौरान असर होगा। क्या इससे बीजेपी को चुनाव में विधान सभा सीट कम मिलेगी। क्या महंगाई और किसान के मुद्दे पर बीजेपी से वोटर दूर होगा। इन सवालों का पूर्व मेयर ने सहजता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महंगाई है। इसे सरकार नियंत्रित कर रही है। काफी हद तक उसे काबू करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अभी भी महंगाई है। चुनाव आने से पहले इसे नियंत्रित कर लिया जाएगा। किसान आंदोलन का असर चुनाव में हो सकता है। ऐसी संभावना है। मगर उनका दावा है कि यूपी में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले किसानों के साथ गतिरोध को बीजेपी दूर करेगी ऐसी संभावना है।
पिछले चुनाव के दौरान सहारनपुर में हुई एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अगर प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो गन्ने का रेट बढ़ाकर साढ़े चार सौ रुपये प्रति कुंत्तल किया जाएगा। मगर गन्ने का रेट पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान केवल 25 रुपये प्रति कुंत्तल बढ़ाया गया। इसको लेकर किसान क्या बीजेपी से नाराज नहीं है। इस पर बीजेपी नेता वर्मा ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री के बयान पर टिप्पणी नहीं कर सकता, मैं तो पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं, मगर गन्ने का जो रेट योगी सरकार ने बढ़ाया है उससे किसान नाराज नहीं, खुश हंै। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी में प्रति एचपी बिजली का रेट 185 रुपये अधिक नहीं है। उनका दावा है कि योगी सरकार में किसान खुश है कि अब उन्हें 24 घंटे बिजली मिल रही है। पहले किसानों को बिजली नहीं दी जाती थी। कई बार थोड़ी देर के लिए बिजली आती थी। जब तक किसान खेत तक पहुंचते थे तब तक बिजली चली जाती थी। पहले अगर ट्रांसफर जल जाते थे तो सपा की सरकार में किसानों को गांव में चंदा कर पैसा देना पड़ता था। अब तुरंत खराब ट्रांसफर को बदला जाता है।