युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पंचायत चुनाव में भाजपा महानगर इकाई के तहत आने वाले तीन वार्डों में पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। महानगर इकाई के तहत वार्ड-6, 7 और आठ है। इनमें से भाजपा की ओर से सिर्फ वार्ड-7 पर प्रत्याशी उतारा गया था। लेकिन भाजपा प्रत्याशी को रालोद प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र चौधरी करीब 900 वोटों से हार गए। वहीं वार्ड-6 और वार्ड-8 में भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। ये सीटें भाजपा के मुरादनगर के विधायक अजीतपाल त्यागी के समर्थकों के लिए छोड़ दिया गया था लेकिन यहां भी विधायक समर्थकों को हार का सामना करना पड़ा। वार्ड-7 में रालोद के अमित त्यागी सरना ने भाजपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र चौधरी को 900 वोटों से शिकस्त दी। वहीं वार्ड-6 में सपा के मीनू यादव पत्नी विकास यादव को शानदार जीत मिली। उन्होंने अपने निकटतम प्रत्याशी को 14000 वोटों से हराया। वहीं वार्ड नगर आठ में बसपा की प्रिया सिंह विजयी रही।
लगातार दूसरे चुनाव में भाजपा महानगर इकाई को तगड़ा झटका लगा है। इससे पहले पार्षद चुनाव में सुल्तान सिंह खारी की मौत के बाद हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई थी। इस बारे में जब भाजपा महानगर अध्यक्ष से सवाल किया गया तो उन्होंने जातिगत समीकरण को हार का कारण बताया। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र चौधरी के अलावा इस वार्ड से जाट समाज के चार अन्य प्रत्याशी भी थे। जिस कारण जाट समाज का वोट बंट गया। जबकि त्यागी समाज का एकमुश्त वोट अमित त्यागी को पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा महानगर इकाई की ओर से इस चुनाव में कोई प्रयास नहीं छोड़ा गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन जातीय समीकरण ऐसा बना कि भाजपा प्रत्याशी की हार हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा महानगर इकाई की ओर से वार्ड-6 और 8 के लिए प्रत्याशियों के नामों का पैनल पश्चिम उत्तर प्रदेश इकाई को भेजा गया था लेकिन प्रदेश नेतृत्व ने इन दो वार्डों में प्रत्याशी खड़ा नहीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वार्ड-7 में भाजपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र चौधरी ने टक्कर दी है। हर चक्र में दोनों के वोटों में काफी कम अंतर रहा। लेकिन अंत में भाजपा प्रत्याशी पिछड़ गए। संजीव शर्मा ने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी को जाट समाज के और भी प्रत्याशी होने का नुकसान हो गया। मुस्लिम वोट भी भाजपा को नहीं मिले। संजीव शर्मा ने बताया कि पूरे नतीजे आने के बाद वे अपने पदाधिकारी व जिम्मेदार कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पार्टी की ओर से रणनीति में कहां चूक हो गई है।