प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। चार साल पहले सिहानी गेट थाना और नन्दग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सिकरौड गांव में रहने वाले चंद्रवीर उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति की हत्या उसकी पत्नी सविता ने अपने प्रेमी अरूण उर्फ अनिल, जो रिश्ते में पप्पू का खानदानी भाई भी लगता था, के साथ मिलकर आज से चार साल पहले हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं सविता व उसके प्रेमी अरूण उर्फ अनिल ने चंद्रवीर उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या करने के बाद उसका वह हाथ भी कुल्हाड़ी से काट दिया था जिसमें चंद्रीवीर ने अपने नाम का गुदा हुआ कड़ा पहना हुआ था। उसके बाद दोनों हत्यारों ने चंद्रवीर के शव को जहां अरूण के घर में खोदे गये छह फीट गहरे गडï्ढ़े में दबाकर उसे मिटï्टी से भरकर उसके ऊपर रातों रात प्लास्टर भी कर दिया था वहीं मृतक के कटे हुए हाथ को किसी कैमिकल फैक्टरी में ले जाकर वहां पर कैमिकल के ड्रम में फेंक दिया था। बाहराल एक लंबे अंतराल के बाद क्राइम ब्रांच प्रभारी रहे अब्दुल रहमान सिदï्दीकी की टीम ने अथक प्रयास करके एक ऐसे सनसनीखेज अपहरण के बाद हत्या की अनसुलझी वारदात का खुलासा कर दिया, जिस मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर उसे निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक जमा कर दी थी। सूत्रों के अनुसार खुलासे के दौरान जहां श्री सिद्दीकी की टीम ने चंद्रवीर उर्फ पप्पू की हत्या करने वाले उसके सगे चचाजाद भाई अरूण उर्फ अनिल पुत्र हरिकिशन व मृतक की पत्नी सविता को गिरफ्तार कर लिया बल्कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अरूण के घर में गड्ढे में दबाये गये चंद्रवीर उर्फ पप्पू के शव को अस्थी-पिंजर के रूप में बरामद करके पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक दोनों हत्यारों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व वो कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली जिससे चंद्रवीर का हाथ काटा गया था।
क्या था यह सनसनीखेज मामला
२८ सितंबर को सिकरोड़ निवासी चंद्रवीर उर्फ पप्पू का अपहरण हो गया था। काफी तलाशने पर भी जब चंद्रवीर का कोई पता नहीं चला तो उस घटना की रिपोर्ट भूरू उर्फ भूरे ने सिहानी गेट थाने में अक्टूबर सन २०१८ को दर्ज करवाते हुए पुलिस को बताया था किसी ने उसके भाई चंद्रवीर उर्फ पप्पू का अपहरण कर लिया है। उस समय भूरे ने अपने भाई के साथ किसी अनिष्टï के घटने की आशंका भी जताई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उस समय भूरे की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण की धारा-३६४ में रिपोर्ट दर्ज करके अपहृत पप्पू की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिये थे। काफी समय तक अपहृत पप्पू की तलाश करने के बाद भी जब चंद्रवीर को बरामद नहीं किया जा सका तो पुलिस ने उस प्रकरण की फाइल को बंद कर दी। उसी समय मृतक की पत्नी अपने परिजनों के साथ मिलक हाईकोर्ट की शरण में चली गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट सिहानी गेट थाना पुलिस को चंद्रवीर के अपहरण के मामले का निस्तारण जल्द करने और पूरे कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने के आदेश सिहानी गेट थाना पुलिस को दिये थे। समयावधि पूरी हो जाने के बाद भी जब अपहृत का कोई सुराग हाथ नहीं लगा तो पुलिस ने विवेचना बंद करके अपनी फाइनल रिपोर्ट लगाकर अदालत को सौंप दी।
कैसे हुआ इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा
कुछ समय पूर्व जब कप्तान मुनिराज लंबित विवेचनाओं विशेषकर अपहरण के अनुसलझे मामलों की रिपोर्ट का अवलोकन कर रहे थे तो उनके सामने चंद्रवीर के अपहरण का मामला भी आ गया। उसके बाद मुनिराज ने उक्त मामले को सुलझाने की कमान क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुल रहमान सिदï्दकी को सौंपी। उक्त प्रकरण की जांच मिलते ही श्री सिदï्दीकी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात वाले दिने से लेकर एफआर लगने तक के सभी बिन्दुओं व साक्ष्यों का वैज्ञानिक व भौतिक तरीके से निरीक्षण करना शुरू कर दिया। इसी बीच उन्होंने मृतक के परिजनों, परिचितों, दोस्तों, रिशतेदारों व ग्रामीणों के अलावा उन सभी विवेचकों से गहन पूछताछ की, जो चंद्रवीर उर्फ पप्पू के अपहरण के मामले की विवेचना कर चुके थे। इस जांच के दौरान उन्हें एस समय एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा कि जब चंद्रवीर की पुत्री ने उनके सामने कुछ अहïम जानकारियां साझा कर दी। फिर क्या था श्री सिदï्दीकी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जब मृतक पप्पू की पत्नी सविता व उसके चचाजाद भाई अरूण उर्फ अनिल से गहराई के साथ पूछताछ की तो उन दोनों को टूटने में ज्यादा देर नहीं लगी और चंद्रवीर के मर्डर का चौंकाने वाला खुलासा पुलिस के सामने कर दिया। उसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट व पुलिस के आला अफसरों के सामने अरूण के घर में खुदाई करवाकर वहां दफनाये गये चंद्रवीर उर्फ पप्पू के अस्थीनुमा शव को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।
पत्नी बोली पप्पू आ गया था उसके व अरूण के अवैध संबंधों के बीच
चार साल पहले लिखवाये गये अपहरण के मामले का जब चौंकाने वाला खुलासा हुआ तो उक्त खुलासे ने न केवल पति-पत्नी जैसे कई जन्मों तक एक-दूजे का साथ देने वाले अटूट रिश्तों को कलंकित कर दिया बल्कि भाई-भाई जैसे मजबूत प्रेम वाले रिश्ते को भी तार-तार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक खुलासे के समय मृतक की पत्नी ने बताया कि वारदात से पूर्व उसके पति चंद्रवीर उर्फ पप्पू को य पता चल गया था कि उसके व अरूण उर्फ अनिल के बीच अवैध संबंध बन गये हैं। उसका पता चलने पर चंद्रवीर ने जब उनके अवैध रिश्तों के बीच अड़ंगा लगाने का प्रयास किया तो उन्होंने पप्पू का रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।