प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। गर विजयनगर थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच आठ नवंबर को अगवा किये गये बच्चे अथर्व उर्फ अरघू को बरामद करने में थोड़ी और देर लगा देती तो अपहरणकर्ता उस मासूम की हत्या कर देते। यह कहना है एसएसपी मुनिराज जी का। मीडिय़ा से रूबश्ऱ होते हुए श्री जी ने बताया कि आठ नवंबर को विजयनगर थाना क्षेत्र में के गांव बहरामतपुर गली नंबर चार में रहने वाले कारोबारी नितिन चौहान के अबोध पुत्र अर्थ का अपहरण कर लिया गया था। बच्चे को अगवा करने वाले अपहरणकर्ताओं ने कारोबारी से बीस लाख की फिरौती भी मांगी थी। श्री जी ने बताया कि बच्चे को सकुशल बरामद करने के लिये उन्होंने क्राइम ब्रांच, एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल की एसओजी व एसएचओ विजयनगर योगेंद्र सिंह मलिक की टीम के सहित पांच टीम गठित करवाकर अपहृत बच्चे को शीघ्र ही सकुशल बरामद करने के निर्देश दिये थे।
अपहरण के मात्र १५ घंटे बाद ही पुलिस को सर्चिलांस के माध्यम से अपहरणकर्ताओं की लोकेशन हिंडन नदीके पास मिली। उसके बाद विजयनगर थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह मलिक व क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक अब्दुल रहमान सिददीकी की टीम ने देरी ना लगाते हुए अपहरणकर्ताओं को घेर लिया। खुद को घिरा पाकर अपहरणकर्ताओं ने पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी।
अपहरणकर्ताओं के द्वारा की गई फायरिंग की जद में आकर मुख्य आरक्षी देव प्रताप सिंह घायल हो गये। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। गोलीबारी के दौरान सन्नी निवासी भरतपुरा कुरावली मैनपुरी नामक अपहरणकर्ता घायल हो गया। उसके बाद पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को घेरकर घायल सप्पी व रामशरण जाटव निवासी कछवाया ऐका फिरोजा को गिरफ्तार करके उनके पास से अपहृत बच्चा अथर्व बरामद कर लिया। श्री जी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं के पास से तमंचे, बाइक व मोबाइल के अलावा अन्य सामान बरामद हुआ।
श्री जी ने मात्र १५ घंटे के अंदर अपहृत बच्चे को बरामद करने वाली टीम को शाबासी देने के साथ-साथ पुरुष्कृत करने की घोषणा भी की। उधर अपने लाल की सकुशल बरामदगी से गदï्गद कारोबारी नितिन चौहान व ग्रामिणों ने भी पुलिस की जमकर प्रशंसा की।