युग करवट संवाददाता
लखनऊ। पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने १०६ अवर अभियंताओं के डिमोशन का आदेश जारी कर दिया है। ये सभी १०६ जेई अखिलेश यादव के शासन में प्रमोट किए गए थे। नियमों को ताक पर रखकर इनको बाबू से जेई बनाया गया था। पीडब्ल्यूडी में जेई के रिक्त पदों के सापेक्ष पांच प्रतिशत ही बाबू पदोन्नति पा सकते हैं।
वर्ष २०१६ में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से डिप्लोमा लेने वाले बाबुओं को अवर अभियंता बना दिया गया था। बाद में हुई जांच में तत्कालीन मुख्य अभियंता एचएन पांडे की कमेटी ने सभी अवर अभियंताओं के डिप्लोमो को अवैध करार दिया था। इस रिपोर्ट का परीक्षण करने वाले प्रमुख अभियंता एके श्रीवास्तव की रिव्यू कमेटी ने भी उस रिपोर्ट को सही माना था। कमेटी ने १२४ में से १०६ अवर अभियंताओं के डिप्लोमो को अवैध करार दिया था। कमेटी ने कल शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए सभी १०६ अवर अभियंताओं का डिमोशन कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रोज कोई ना कोई चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं, जिससे सरकारी मशीनरी में भी हडक़ंप मचा हुआ है।