प्रमुख अपराध संवादïदाता
गाजियाबाद (युग करवट)। आजादी की ७५वीं वर्षगांठ का पावन पर्व ४७वीं वाहिनी पीएसी ने बड़ी ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया। ध्वजारोहण करने के बाद वाहिनी की सेनानायक आईपीएस कल्पना सक्सैना ने कहा कि हमें आजादी न तो इतनी सरलता से मिली है और न ही किसी की दया से मिली है। आजादी पाने के लिये हमारे पूर्वजों ने न केवल घोर कष्टï सहे हैं, बल्कि उन्होंने भारत माता की स्वाधीनता के लिये अपना लहू बहाकर प्राण भी न्यौछावर किये हैं। कल्पना सक्सैना ने उन सभी शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को कोटि-कोटि नमन किया और भारत माता की आन-बान व शान बचाने की शपथ भी ली। इसके बाद सेनानायक ने सभी को राष्टï्रभक्ति के प्रति समर्पित रहने की शपथ भी दिलवाई। सेनानायक कल्पना सक्सैना ने २२ जुलाई २००७ को चित्रकूट में हुई कुख्यात डकैत ठोकिया से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए ४७वीं वाहिनी के जवान लक्ष्मण प्रसाद शर्मा व गिरीश चंद नागर के परिजनों को इस मौक पर सम्मानित भी किया। इसके अलावा श्रीमती सक्सैना ने सहायक सेनानायक सुरेश कुमार व सेवानिवत्र्त मुख्य आरक्षी बलवीर सिंह को सराहनीय एवं उत्कृष्टï सेवा के लिये राष्टï्रपति पुलिस पदक एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान करके उन्हें सम्मानित किया। श्रीमति सक्सेना ने प्रशस्तिपत्र एवं प्रतीक चिंह भेंट करके उन्हें सम्मानित किया। अंत में उप-सेनानायक रफीक अहमद, सहायक सेनानायक सुरेश कुमार मलिक व अखिलेश कुमार, वाहिनी क्वार्टर मास्टर व दलनायक के अलावा अन्य अधिकारी व जवानों ने स्वादिष्टï एवं सुरुचिपूर्ण भोज का आनंद लिया।