युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गरीब पिछड़े तबके के लोगों को आवास मिलने का सपना इस जिले में आसानी से पूरा होता नहीं दिख रहा है। गरीब वर्ग के लोगों को आवास दिलाने का सपना पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना जारी की गई थी। इस योजना के तहत जिले में १० हजार, ८५० आवास बनने थे। लेकिन यह योजना लागू होने के दो साल बाद भी महज २५० मकान ही बनकर तैयार हो सके हैं।
आलम यह है कि बाकी के मकान बनाने के लिए जिला प्रशासन भी जद्दोजहद कर रहा है। लेकिन योजना के तहत निर्धारित टारगेट तो दूर, एक हजार मकान तक पूरे नहीं हो सके हैं। जबकि बड़ी संख्या में लोग पीएम आवास योजना के तहत अपने घर मिलने का सपना संजोए हुए हैं। पीएम आवास योजना के तहत कई स्थानों को चिन्हित किया गया था। लेकिन जमीन उपलब्ध ना होने की वजह से बार-बार इस योजना को आगे किया जाता रहा है। इसके अलावा कोरोना दौर के चलते भी आवास योजना के निर्माण मे देरी हो रही है जिस वजह से अब तक कुल २५० मकान ही बने हैं। अगर योजना की रफ्तार यही रही तो लोगों का घर मिलने का सपना महज सपना बनकर ही रह जाएगा।