विशेष संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। यशोदा अस्पताल कौशांबी के चेयरमैन एवं समाजसेवी डॉ. पीएन अरोड़ा ने उन चर्चाओं पर विराम लगा दिया जिनमें बताया जा रहा था कि वह मेयर का चुनाव लड़ेंगे। युग करवट से बातचीत में पीएन अरोड़ा ने साफतौर पर इनकार किया कि उनका या उनके किसी भी परिवार के सदस्य का मेयर चुनाव लडऩे का कोई विचार ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जो चर्चाएं हैं वे सरासर गलत हैं, इसमें कहीं भी कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से प्रभावित हैं, लेकिन उनका चुनाव लडऩे का कोई भी विचार नहीं है। उल्लेखनीय है कि राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा काफी जोरों-शोरों से चल रही थी कि सामान्य सीट होने पर डॉ. पीएन अरोड़ा को भाजपा गाजियाबाद से लड़ा सकती है। पीएन अरोड़ा ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया। फिलहाल जो नाम चल रहे हैं उनमें प्रमुख रूप से ललित जायसवाल, वेदप्रकाश खादी वाले, संजीव गुप्ता, अनिल स्वामी, संजीव शर्मा सहित कई शामिल हैं। यदि ये सीट महिला ओबीसी होती है तो फिर कई नेताओं ने अभी से ही अपनी-अपनी पत्नियों को चुनाव मैदान में उतारने का मन बना लिया है। ये वो नेता हैं जो खुद पहले चुनाव लड़ चुके हैं या किसी पद पर पार्टी में तैनात रह चुके हैं अथवा मौजूदा वक्त में भी पदों पर आसीन हैं। वर्तमान मेयर आशा शर्मा भी पूरी उम्मीद लगाए हुए हैं कि पार्टी उन्हें दोबारा टिकट दे सकती है। आशा शर्मा के पति एवं सोशल चौकीदार केके शर्मा का कहना है कि उनका विचार चुनाव लडऩे का नहीं है। विकास कार्यों के आधार पर अगर टिकट दिया जायेगा तो आशा शर्मा द्वारा किया गया शहर का विकास कार्य सभी के सामने है, इसलिए आशा शर्मा की दावेदारी भी सही है। वहीं भाजपा की उपाध्यक्ष सुनीता दयाल को लेकर भी पार्टी के अंदर चर्चा है। क्योंकि, पार्टी के प्रति उनकी समर्पण की भावना और उनकी ईमानदारी की पहचान की चर्चा हाईकमान तक रहती है। यदि पार्टी सुनीता दयाल को मैदान में उतारती है तो ये कार्यकर्ताओं में अच्छा मैसेज जा सकता है।